टीआरपी डेस्क। अगर आप चांदी में निवेश (Silver Investment) करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पिछले 20 दिनों के आंकड़े और मार्केट एक्सपर्ट्स के संकेत बता रहे हैं कि चांदी की कीमतों में अभी और बड़ी गिरावट आ सकती है। 29 जनवरी को जो चांदी ₹4,20,000 के ऐतिहासिक शिखर पर थी, वह अब धड़ाम होकर नीचे आ चुकी है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार (17 फरवरी) को चांदी ₹2,28,783 पर बंद हुई। यानी अपने ऑल-टाइम हाई से चांदी में ₹1,91,000 से ज्यादा का बड़ा ‘क्रैश’ देखा जा चुका है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया (Ajay Kedia) के मुताबिक, चांदी में गिरावट का यह सिलसिला अभी रुकने वाला नहीं है। यदि वैश्विक स्थितियां इसी तरह बनी रहीं, तो जून-जुलाई 2026 तक चांदी का भाव ₹1.90 लाख प्रति किलो के स्तर तक गिर सकता है। मजबूत होता डॉलर और कम होता जियोपॉलिटिकल (भू-राजनीतिक) तनाव कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा है। हालांकि, इंडस्ट्रियल डिमांड से मामूली सहारा मिल सकता है, लेकिन वह बड़ी गिरावट को रोकने में नाकाफी है।

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2.25 लाख का स्तर है बेहद ‘क्रिटिकल’

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी एनालिस्ट कावेरी मोरे के अनुसार, मंगलवार को चांदी में 5.5% की भारी गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल 2,25,000 का स्तर चांदी के लिए सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट है। अगर आज या आने वाले दिनों में भाव इस स्तर के नीचे फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव और बढ़ जाएगा। एशियाई बाजारों में छुट्टियों के कारण लिक्विडिटी कम रही, जिससे कीमतों में गिरावट और तेज हो गई।

ट्रेडर्स भी हुए सावधान: 2 साल के निचले स्तर पर लॉन्ग पोजिशन

CFTC की ताजा रिपोर्ट (9 फरवरी 2026 तक) के मुताबिक, बड़े ट्रेडर्स ने सिल्वर फ्यूचर्स में अपनी ‘नेट लॉन्ग पोजिशन’ को घटाकर 22,955 कॉन्ट्रैक्ट कर दिया है। यह पिछले दो साल का सबसे निचला स्तर है, जो यह स्पष्ट करता है कि बाजार के बड़े खिलाड़ी फिलहाल चांदी पर दांव लगाने से डर रहे हैं।