टीआरपी डेस्क। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े अंतर्राज्यीय ऑपरेशन में बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने तमिलनाडु से 6 और पश्चिम बंगाल से 2 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कुछ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं। ये सभी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और बांग्लादेशी आतंकी संगठनों के इशारे पर भारत में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
तमिलनाडु की गारमेंट यूनिट्स में जिस तरह फर्जी आधार कार्ड के जरिए ये संदिग्ध अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे, वह देशभर की सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। ऐसे मॉड्यूल का पकड़ा जाना यह दर्शाता है कि आतंकी संगठन अब सोशल मीडिया और लोकल नेटवर्क के जरिए युवाओं को बरगलाने के लिए नए-नए ‘स्लीपर सेल’ तैयार कर रहे हैं।
तिरुप्पुर के गारमेंट यूनिट्स से हुई गिरफ्तारी
तमिलनाडु के तिरुप्पुर को देश का बड़ा गारमेंट हब माना जाता है। आतंकियों ने इसी भीड़भाड़ और कामगारों की तादाद का फायदा उठाकर अपनी पहचान छिपाई थी। उथुकुली से 02 आरोपी, पल्लादम से 03 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। जबकि, तिरुमुरुगनपूंडी स1 आरोपी दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबत, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल बताए जा रहे हैं। इन्हें ट्रेन के जरिए दिल्ली लाया गया है।
फर्जी आधार और ‘फ्री कश्मीर’ का एजेंडा
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये सभी आरोपी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे। ये लोग सोशल मीडिया पर पाकिस्तान स्थित आकाओं के इशारे पर आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि ये दिल्ली में ‘फ्री कश्मीर’ के पोस्टर लगाने और कई महत्वपूर्ण शहरों की रैकी करने जैसी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे।
8 मोबाइल और 16 सिम कार्ड: विदेशी फंडिंग के सुराग
पुलिस ने इनके पास से 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इन सिम कार्ड्स के डेटा विश्लेषण से विदेशी हैंडलर्स और सीमा पार से मिल रही फंडिंग के पुख्ता सुराग मिले हैं। इनके निशाने पर देश के कई बड़े शहर और भीड़भाड़ वाले इलाके थे।



