टीआरपी डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान एक ऐसी ऐतिहासिक डिफेंस डील होने जा रही है, जिसने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है। इजरायल अपनी सबसे गुप्त गोल्डन होराइजन (Golden Horizon) एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक अब विशेष रूप से भारत को सौंपने जा रहा है।
क्या है गोल्डन होराइजन?
यह मिसाइल ब्रह्मोस की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली और तेज है। जहां ब्रह्मोस की गति मार्क 3 के आसपास है, वहीं गोल्डन होराइजन टर्मिनल फेज में मार्क 5 से ज्यादा की स्पीड पकड़ लेती है, जिससे दुनिया का कोई भी डिफेंस सिस्टम इसे इंटरसेप्ट नहीं कर सकता। इसे भारतीय वायुसेना के सुखोई SU-30 MKI फाइटर जेट्स से लॉन्च किया जा सकेगा। इसकी रेंज 1,000 से 2,000 किलोमीटर तक होने का अनुमान है, जो इसे लंबी दूरी के लक्ष्यों के लिए अचूक बनाती है।
हेक्सागन ऑफ एलायंसेज
भारत अपनी मिसाइल शील्ड सुदर्शन चक्र को 2035 तक पूरा करने की दिशा में बढ़ रहा है। इजरायल के साथ यह साझेदारी केवल हथियारों की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘हेक्सागन ऑफ एलायंसेज’ की शुरुआत है। इसमें भारत, अरब-अफ्रीकी देश, और ग्रीस जैसे राष्ट्र शामिल होकर रेडिकल ताकतों के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बनाएंगे। PM मोदी ने स्पष्ट किया है कि अनिश्चित वैश्विक हालातों में भारत और इजरायल की यह अटूट दोस्ती मील का पत्थर साबित होगी।



