अंबिकापुर। निगम क्षेत्र, अंबिकापुर में फैली पीलिया की बीमारी से दो नागरिकों की मौत के बाद राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने दूषित पेयजल सप्लाई के कारण पीलिया फैलने का आरोप लगाते हुए नगर निगम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान नगर निगम परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने पहले से ही नगर निगम के मुख्य द्वार को बंद कर बैरिकेडिंग कर दी थी, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ता बैरिकेड्स हटाते हुए परिसर के अंदर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नगर पालिक निगम, अम्बिकापुर की लापरवाही के कारण शहर के कई वार्डों में लंबे समय से दूषित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। उनका कहना है कि वर्ष की शुरुआत से ही पेयजल की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, बावजूद इसके निगम प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिणामस्वरूप शहर के विभिन्न इलाकों में पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है और अब तक दो लोगों की मृत्यु भी हो चुकी है, जबकि कई अन्य नागरिक गंभीर रूप से बीमार बताए जा रहे हैं।

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प्रदर्शन के पश्चात कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि अम्बिकापुर में पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी नगर पालिक निगम के पास है, लेकिन निगम प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है।

महापौर के बयान पर आपत्ति

ज्ञापन में महापौर के हालिया बयान पर भी आपत्ति जताई गई, जिसमें कथित तौर पर उन्होंने मामले को  ‘साजिश’ करार दिया था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ऐसे बयान से नागरिकों की पीड़ा कम नहीं होती, बल्कि यह संवेदनहीनता को दर्शाता है। उनका आरोप है कि निगम की कार्यप्रणाली से शहरवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा है और ऐसे में महापौर को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और पीलिया से पीडि़त लोगों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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