टीआरपी डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। वह स्टेज-4 लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली।

संघर्षों से भरा रहा जीवन
रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता की जी-तोड़ मेहनत और त्याग छिपा है। रिंकू का जन्म अलीगढ़ की एक गैस एजेंसी में काम करने वाले खानचंद सिंह के घर हुआ था। पिता गैस एजेंसी में हॉकर का काम करते थे और कंधों पर सिलेंडर ढोकर परिवार का गुजर-बसर करते थे। पांच भाइयों और एक बहन के परिवार में रिंकू तीसरे नंबर पर हैं।

रिंकू के सपनों को दिया सहारा

रिंकू को बचपन से ही क्रिकेट का जुनून था। पिता ने गरीबी के बावजूद रिंकू की जरूरतों को पूरा किया और अपनी कमाई से उन्हें गेंद-बल्ला लाकर दिया। कोच मसूद जफर अमीनी के अनुसार, पिता ही रिंकू को अलीगढ़ के अहिल्याबाई होल्कर स्टेडियम लेकर आए थे, जहाँ से उनके करियर की शुरुआत हुई।

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सफलता का सफर और पिता का साया
साल 2023 में जब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की ओर से खेलते हुए रिंकू ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ लगातार 5 छक्के लगाए, तब दुनिया ने उनकी ताकत को पहचाना। इस कामयाबी के बाद भी उनके पिता ने संघर्ष करना नहीं छोड़ा था। रिंकू ने अंडर-16, अंडर-19, रणजी और फिर IPL में अपनी जगह बनाई, लेकिन उनके पिता ने कभी उन पर घर की जिम्मेदारियों का बोझ नहीं आने दिया।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।