रायपुर। सीएम रेड्डी और गृह मंत्री शाह की बैठक में तेलंगाना के शीर्ष पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी के बाद वरिष्ठ माओवादी नेता मुप्पाला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति के आत्मसमर्पण की चर्चा तेज हो गई है। गणपति का नाम शीर्ष माओवादी नेताओं में शामिल है, उस पर 3.5 करोड़ से अधिक इनाम है। हालांकि इस खबर की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बुधवार शाम नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद देश के एक बड़े नक्सली गणपति के आत्मसमर्पण को लेकर चर्चा तेज हो गई।

तेलंगाना से आई खबर, पुलिस पुष्टि बाकी

सूत्रों के मुताबिक तेलंगाना से गणपति के आत्मसमर्पण की खबर सामने आई है। बस्तर क्षेत्र के एक पुलिस अधिकारी ने मीडिया से चर्चा में बताया कि ऐसी जानकारी जरूर मिली है, लेकिन फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

गणपति ने 2018 में छोड़ा था महासचिव का पद

बताया जाता है कि गणपति माओवादी संगठन के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए महासचिव पद छोड़ दिया था। इसके बाद संगठन की कमान नमबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को सौंपी गई थी।

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चार दशक तक अंडरग्राउंड रहकर संभाली कमान

गणपति पिछले लगभग चार दशक से अंडरग्राउंड रहकर माओवादी गतिविधियों का संचालन करते रहे हैं। संगठन के भीतर उन्हें वैचारिक और रणनीतिक स्तर पर सबसे प्रभावशाली नेताओं में माना जाता रहा है। उनके संभावित आत्मसमर्पण की खबर को नक्सल आंदोलन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।