टीआरपी। रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने गर्मी के मौसम में राजधानी में सुगम जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जोन कमिश्नरों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। महापौर ने स्पष्ट कहा है कि जनता को पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रायपुर के 70 वार्डों में गर्मी के दौरान अक्सर ‘टेल एंड’ (अंतिम छोर) के घरों तक पानी नहीं पहुँचने की समस्या आती है। महापौर के इस आदेश के बाद अब अधिकारियों को सुबह पानी सप्लाई के समय खुद वार्डों में मौजूद रहकर निरीक्षण करना होगा, जिससे आम जनता को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
अवैध कनेक्शनों पर चलेगा डंडा, 45 टंकियों की होगी मैकेनिकल सफाई
बैठक के दौरान महापौर ने अवैध नल कनेक्शनों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने और उन्हें टैक्स के दायरे में लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पानी की बर्बादी रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाने को कहा गया है।
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए शहर के सभी 45 जलागारों (पानी टंकियों) की मैकेनिकल सफाई अभियान चलाकर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी क्षेत्र में जल संकट की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- निरीक्षण: जोन कमिश्नर प्रतिदिन वार्डों में जलापूर्ति का व्यक्तिगत निरीक्षण करेंगे।
- सफाई: शहर की सभी 45 पानी टंकियों की आधुनिक मशीनों से सफाई होगी।
- समन्वय: पार्षद और जोन अधिकारी मिलकर उन पॉइंट्स की सूची बनाएंगे जहाँ टैंकरों से पानी भेजना अनिवार्य है।
- राजस्व: पेयजल आपूर्ति के साथ-साथ शत-प्रतिशत राजस्व वसूली को भी प्राथमिकता दी गई है।
नगर निगम अब वार्ड स्तर पर उन क्षेत्रों की पहचान कर रहा है जहाँ पाइपलाइन का दबाव कम है। अगले कुछ दिनों में शहर के विभिन्न इलाकों में विशेष शिविर लगाकर अवैध कनेक्शनों को वैध करने और लीकेज सुधारने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा।


