रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस बार होली की खुमारी लोगों के सिर चढ़कर बोली। रंगों के त्योहार से ठीक पहले प्रदेशवासियों ने जाम छलकाने में सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। बता दें कि मात्र एक ही दिन के भीतर पूरे प्रदेश में करोड़ों रुपयों की शराब की बिक्री दर्ज की गई है, जिसने आबकारी विभाग को भी चकित कर दिया है।

ड्राई डे के डर से उमड़ी भीड़

जानकारों का कहना है कि 4 मार्च को होली के अवसर पर शासन द्वारा ड्राई डे घोषित किया गया था। इसी वजह से शराब प्रेमियों के बीच स्टॉक जमा करने की होड़ मच गई। सूत्रों के अनुसार, दुकानों के बाहर लंबी कतारें दोपहर से ही लगनी शुरू हो गई थीं। आलम यह था कि शाम होते-होते कई ब्रांड्स का स्टॉक ही खत्म हो गया। मैदानी स्तर पर स्थिति ऐसी थी कि लोग झोले भर-भर कर बोतलें ले जाते दिखे।

सबसे आगे रही राजधानी

छत्तीसगढ़ में आमतौर पर रोजाना करीब 40 करोड़ रुपये की शराब बिकती है, लेकिन 3 मार्च को यह आंकड़ा तीन गुना से भी ज्यादा बढ़कर 128 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा। इसमें सबसे ज्यादा चमक राजधानी रायपुर में दिखी। अकेले रायपुर शहर में करीब 58 करोड़ रुपये की शराब की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री हुई है। बिलासपुर, भिलाई और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में भी काउंटरों पर भारी भीड़ देखी गई।

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पिछली होली के मुकाबले भारी बढ़ोतरी

बता दें कि पिछले कुछ सालों के मुकाबले इस बार की सेल ने आबकारी राजस्व में जबरदस्त इजाफा किया है। विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि होली और दिवाली जैसे त्योहारों पर मांग बढ़ती ही है, लेकिन इस बार की 3 मार्च की सेल ने अब तक के सारे रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बार चुनाव और अन्य माहौल के कारण भी बाजार में नकदी का प्रवाह अधिक था, जिसका असर सीधे तौर पर शराब दुकानों पर दिखा।

विशेषज्ञों की मानें तो इस भारी बिक्री से सरकार के खजाने में तो इजाफा हुआ है, लेकिन सामाजिक स्तर पर इसे लेकर चर्चाएं भी तेज हैं। होली का रंग फीका न पड़े, इस चक्कर में लोगों ने अपनी जेबें ढीली करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। फिलहाल, आबकारी विभाग अब अंतिम आंकड़ों का मिलान कर रहा है ताकि जिलेवार सही स्थिति स्पष्ट हो सके।

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