नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भीषण जंग (इजरायल-ईरान-अमेरिका) अब भारत की थाली तक पहुंच गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) जैसे रणनीतिक समुद्री मार्ग पर ईरान के कड़े नियंत्रण के बाद भारत में कमर्शियल एलपीजी (LPG) का अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है। चेन्नई से लेकर बेंगलुरु और रायपुर तक, रेस्टोरेंट मालिकों को अब ‘कोविड लॉकडाउन’ जैसे बुरे दिनों की याद सताने लगी है।
रेस्टोरेंट में लिमिटेड मेन्यू: डोसा-चाय पर भी संकट
संकट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश की कई बड़ी रेस्टोरेंट चेन्स ने अपने मेन्यू कार्ड से कई आइटम हटा दिए हैं। एक रेस्टोरेंट चेन के चेयरमैन ने दर्द बयां करते हुए कहा, “यह हमारे लिए दूसरे कोविड-19 जैसा है। डोसा, चाय और कॉफी जैसे आइटमों के लिए लगातार गैस की जरूरत होती है, इसलिए हमने इन्हें मेन्यू से कम कर दिया है।” ज्यादातर होटलों के पास केवल एक या दो दिन का ही बैकअप बचा है। अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो देश के लाखों रेस्टोरेंट अगले 48 घंटों में बंद हो सकते हैं।
6 मार्च को भारत सरकार ने अपनी आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए तेल रिफाइनरियों को सख्त निर्देश दिए हैं। गैस की सप्लाई सबसे पहले घरेलू रसोई, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को दी जाएगी। रिफाइनरियों को आदेश दिया गया है कि वे पेट्रोकेमिकल उत्पादन घटाकर एलपीजी का उत्पादन बढ़ाएं। तमिलनाडु होटल एसोसिएशन ने केंद्र से अपील की है कि कमर्शियल सप्लाई रोकने के आदेश को वापस लिया जाए, क्योंकि इससे लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा है।
क्यों टूटा सप्लाई चेन का गणित?
गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरत की 62% एलपीजी आयात करता है। इस आयात का सबसे बड़ा हिस्सा Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) के रास्ते आता है।
मेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने इस रास्ते को सीमित कर दिया है। यह मार्ग दुनिया के कुल तेल की खपत का 20% (करीब 2 करोड़ बैरल रोज) और कतर से आने वाली 20% एलएनजी (LNG) को संभालता है। इस रास्ते में रुकावट का मतलब है दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर ब्रेक है।
7 मार्च की बढ़ी कीमतें और दक्षिण भारत की चिंता
पिछले शनिवार (7 मार्च) को ही एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल आया है। चेन्नई और बेंगलुरु जैसे दक्षिण भारतीय शहरों ने सप्लाई में भारी कमी की शिकायत की है। इन शहरों में कमर्शियल गैस न मिलने के कारण छोटे ढाबे और कैंटीन पहले ही बंद होने की कगार पर हैं।



