नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (Middle East) में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने दुनिया को एक बड़े ऊर्जा संकट (Energy Crisis) के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति की जीवनरेखा है, वहां जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में आग लग गई है। इसका सीधा असर अब भारत की आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।
12 मार्च 2026: LPG सिलेंडर की नई दरें
आज से देश के विभिन्न शहरों में घरेलू (14.2 KG) और कमर्शियल (19 KG) गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी लागू हो गई है। घरेलू सिलेंडर में 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए तक का इजाफा हुआ है।
| शहर | घरेलू LPG (14.2 KG) | कमर्शियल LPG (19 KG) |
| नई दिल्ली | ₹913.00 | ₹1,883.00 |
| मुंबई | ₹912.50 | ₹1,836.00 |
| कोलकाता | ₹939.00 | ₹1,988.50 |
| चेन्नई | ₹928.50 | ₹2,043.50 |
| पटना | ₹1,002.50 | ₹2,133.50 |
| हैदराबाद | ₹965.00 | ₹2,105.50 |
सरकार का बड़ा फैसला: बुकिंग के नियमों में बदलाव
आपूर्ति की कमी और संभावित जमाखोरी (Hoarding) को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अनिवार्य वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) को लागू करते हुए कुछ कड़े नियम बनाए हैं। अब दो घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के बीच का अनिवार्य समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैनिक बुकिंग के कारण गैस की किल्लत न हो और हर घर तक सिलेंडर पहुंच सके। रिफाइनरियों को आदेश दिया गया है कि वे औद्योगिक उपयोग के बजाय घरेलू उपभोग (Domestic Consumption) के लिए एलपीजी उत्पादन को प्राथमिकता दें।
क्यों गहराया संकट?
भारत अपनी एलपीजी जरूरत का 62% आयात करता है। इस आयात का लगभग 85-90% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष के कारण इस समुद्री मार्ग से टैंकरों की आवाजाही बाधित हुई है। कतर और यूएई जैसे देशों से आने वाली गैस की खेप में देरी हो रही है, जिससे मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ गया है।
जनता के लिए सलाह: पैनिक न करें
पेट्रोलियम मंत्री ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास वर्तमान में 250 मिलियन बैरल से अधिक का तेल और गैस भंडार है, जो करीब 2 महीने के लिए पर्याप्त है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार वैकल्पिक रास्तों (जैसे रूस और पश्चिम अफ्रीका) से आपूर्ति बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है।



