अंबिकापुर। एंटी करप्शन ब्यूरो ने अंबिकापुर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यहां एंटी करप्शन ब्यूरो के नाम पर जेल भिजवाने की धमकी देने वाले एक सरकारी बाबू को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने ही एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो सरगुजा संभाग के डीएसपी प्रमोद कुमार खेस ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लिपिक के पद पर पदस्थ अखिलेश कुमार सोनी के पास दरिमा तहसील में पदस्थ लिपिक अनिल गुप्ता के द्वारा फोन कर बताया गया कि उसका भतीजा एंटी करप्शन ब्यूरो में काम करता है। उसके माध्यम से पता चला है कि अखिलेश सोनी को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम कभी भी ट्रैप कर जेल भेज सकती है, अगर इस ट्रैप से बचाना है तो दो लाख रुपये देने पड़ेंगे।
धमकी की शिकायत उल्टे एसीबी में कर दी
इस धमकी के बाद अखिलेश सोनी ने पूरी बातचीत रिकॉर्ड करना शुरू किया और इसकी शिकायत एंटी करप्शन दफ्तर में पहुंचकर किया, जब ऐसी शिकायत मिली तो एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारी भी हैरान रह गए। उन्होंने तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल गुप्ता को रिश्वत लेते हुए पकड़ने का प्लान तैयार किया और देर शाम अंबिकापुर के घड़ी चौक में एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
पहली बार सामने आया ऐसा मामला
अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या तहसील में पदस्थ बाबू का कोई रिश्तेदार एंटी करप्शन ब्यूरो में किसी पद पर कार्यरत है या नहीं, अगर उससे जुड़ा हुआ कोई व्यक्ति एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम में है तो उसके खिलाफ जांच होनी चाहिए।
दूसरा सवाल यह भी है कि क्या वाकई में अखिलेश सोनी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो के पास कोई शिकायत पहुंची थी या फिर रुपये उगाही के लिए इस तरीके की कहानी तैयार की गई थी।
पहली बार इस तरीके का मामला सामने आया है जब एंटी करप्शन ब्यूरो के ट्रैप में फंसाने की धमकी देते हुए किसी दूसरे विभाग का बाबू सामने आया है और उसके खिलाफ कार्रवाई हो गई है।



