दुर्ग। प्रदेश भर के अतिथि शिक्षकों ने हटाए जाने की चल रही खबरों से आशंकित होकर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास का घेराव किया। इस दौरान शिक्षकों ने स्थायीकरण, समान वेतन और अन्य सुविधाओं की मांग उठाई। इस प्रदर्शन में सरगुजा, कांकेर समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ प्रांतीय अतिथि शिक्षक संघ के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने बताया कि वे सत्र 2015-16 से लगातार सेवाएं दे रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि, पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और शिक्षकों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने हाल ही में विधानसभा में शिक्षा मंत्री के बयान के बाद उन्हें हटाए जाने की खबरों पर चिंता जताई।

शिक्षा मंत्री से हुई चर्चा शिक्षकों ने बताया कि हाल ही में विधानसभा में अतिथि शिक्षकों को हटाए जाने की बात सामने आई थी, जिसके बाद उनके बीच चिंता बढ़ गई। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव किया और सरकार से स्पष्ट फैसला लेने की मांग की। प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अतिथि शिक्षकों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा..?
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि ऐसी खबरें भ्रामक हैं और अतिथि शिक्षकों को हटाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि मानदेय पात्रता के आधार पर तय किया जाएगा और इस विषय पर कैबिनेट में चर्चा कर जल्द निर्णय लिया जाएगा। शिक्षकों ने संविलियन, ग्रीष्मकालीन मानदेय, समान वेतन और अवकाश की मांग रखी।
शिक्षकों ने बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट ने भी ग्रीष्मकालीन मानदेय और अवकाश देने के संबंध में निर्देश दिए हैं, इसलिए सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। मंत्री से चर्चा के बाद शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला होगा। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से अस्थायी स्थिति में काम कर रहे हैं और अब स्थायी समाधान चाहते हैं।



