टीआरपी।छत्तीसगढ़ की धरती पर खेल प्रतिभाओं के महाकुंभ ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आगाज हो चुका है। सोमवार शाम स्वामी विवेकानंद विमानतल, रायपुर पर खिलाड़ियों के पहले जत्थे का आगमन हुआ, जहाँ पारंपरिक लोक नृत्यों और गाजे-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया।
छत्तीसगढ़ में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आदिवासी खेल आयोजन हो रहा है। इससे न केवल प्रदेश की खेल अधोसंरचना (Infrastructure) को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय जनजातीय युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों से सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा।
असम और तमिलनाडु के खिलाड़ियों ने दी दस्तक
खेल महोत्सव की शुरुआत में असम से तैराकी के 10 खिलाड़ियों और तमिलनाडु से फुटबॉल के 17 खिलाड़ियों का दल राजधानी पहुंचा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और SAI के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर खिलाड़ियों का आत्मीय अभिनंदन किया। 23 मार्च से ही देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से खिलाड़ियों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।
तीन शहरों में होंगे रोमांचक मुकाबले
यह भव्य प्रतियोगिता मुख्य रूप से रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में आयोजित की जा रही है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनजातीय संस्कृति और खेल भावना के अद्भुत संगम को प्रदर्शित करना है। इसमें देशभर के लगभग 3,000 जनजातीय खिलाड़ी अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
आयोजन तिथि: 25 मार्च से 3 अप्रैल 2026 तक।
प्रमुख खेल: हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग।
वर्ग: पुरुष और महिला दोनों वर्गों के बीच मुकाबले होंगे।
24 मार्च तक सभी राज्यों की टीमें छत्तीसगढ़ पहुंच जाएंगी। 25 मार्च को भव्य उद्घाटन समारोह के साथ ही मैदानों पर पदकों के लिए जंग शुरू होगी। खेल विभाग ने दर्शकों के लिए स्टेडियम में प्रवेश और सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए हैं।


