DRM दयानंद ने AI टूल्स के जरिए हिंदी पत्राचार बढ़ाने पर दिया जोर

टीआरपी। रायपुर रेल मंडल में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) दयानंद की अध्यक्षता में 72वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में रेलवे बोर्ड के मानकों के आधार पर अक्टूबर से दिसंबर 2025 की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई और अधिकारियों को डिजिटल माध्यमों से हिंदी का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

रेलवे जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम में हिंदी के प्रयोग से आम यात्रियों और स्थानीय कर्मचारियों के बीच संवाद सरल होता है। एआई (AI) टूल्स के इस्तेमाल से अब सरकारी कामकाज में भाषा की बाधा दूर होगी, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता में सुधार आएगा।

AI टूल्स और ई-ऑफिस पर फोकस


मंडल रेल प्रबंधक दयानंद ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में आधुनिक तकनीक पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में एआई टूल्स की मदद से हिंदी में कार्य करना अत्यंत सरल हो गया है। उन्होंने सभी शाखा अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-ऑफिस में नोटिंग के दौरान अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग करें और नियमित निरीक्षण रिपोर्ट भी अनिवार्य रूप से हिंदी में ही तैयार करें।

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बैठक के दौरान DRM द्वारा जारी जांच बिंदुओं (Check Points) के कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए, ताकि राजभाषा नियमों का उल्लंघन न हो।

संसदीय समिति के दिशा-निर्देशों का पालन


अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं ADRM बजरंग अग्रवाल ने बताया कि दिसंबर 2025 में संसदीय राजभाषा समिति द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) के तहत आने वाले सभी दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से हिंदी-अंग्रेजी द्विभाषी रूप में जारी किया जाना चाहिए।
मंडल के सभी विभागों को अब अपनी मासिक प्रगति रिपोर्ट में हिंदी पत्राचार का प्रतिशत बढ़ाकर दिखाना होगा। आने वाले समय में रेल मंडल के भीतर हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जा सकता है।