टीआरपी। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन की अध्यक्षता में 25 मार्च 2026 को रायपुर में स्क्रिप्ट समिति के गठन हेतु एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में फिल्म निर्माण की गुणवत्ता सुधारना और स्थानीय कला-संस्कृति को वैश्विक मंच पर सिनेमा के माध्यम से स्थापित करना है।
यह निर्णय छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों, लेखकों और फिल्मकारों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। स्क्रिप्ट समिति के माध्यम से अब छत्तीसगढ़ी लोककथाओं और ऐतिहासिक प्रसंगों को प्रामाणिक और पेशेवर तरीके से बड़े पर्दे पर लाने में सरकारी सहयोग और विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिल सकेगा।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा और संस्कृति का समन्वय
संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय में आयोजित इस बैठक में संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य ने सिनेमा और संस्कृति के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। बैठक में इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. राजन यादव, ललित कला अकादमी के अभिमन्यु सिन्हा, और पद्मश्री डॉ. राधेश्याम तारक जैसे विशेषज्ञों ने शिरकत की।
मुंबई से आए प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता भगवान तिवारी ने विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में फिल्म निर्माण के व्यावहारिक पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए। मोना सेन ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में रचनात्मकता की कमी नहीं है, बस उसे एक सशक्त मंच और सही पटकथा की आवश्यकता है।
समिति का लक्ष्य: स्थानीय लोककथाओं, परंपराओं और जनजीवन पर आधारित उच्च गुणवत्ता वाली स्क्रिप्ट का चयन करना।
विशेषज्ञों की भागीदारी: बैठक में प्रसार भारती, आकाशवाणी और राष्ट्रीय स्तर की अकादमियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रसार: उप संचालक उमेश मिश्रा ने सदस्य सचिव के रूप में कार्यप्रणाली और चयन प्रक्रिया की रूपरेखा प्रस्तुत की।
स्क्रिप्ट समिति के औपचारिक गठन के बाद, राज्य में फिल्म निर्माण के लिए एक नया ‘इकोसिस्टम’ तैयार होगा। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में प्रतिस्पर्धा करने के योग्य बनाया जाएगा।



