वनप्लस (OnePlus) इंडिया के सीईओ रॉबिन लियू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि रॉबिन लियू अब अपने व्यक्तिगत रुचियों और नए लक्ष्यों पर ध्यान देने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। कंपनी ने उनके योगदान की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब चीनी स्मार्टफोन कंपनी वनप्लस के ग्लोबल मार्केट में बिजनेस री-स्ट्रक्चरिंग की खबरें सामने आ रही हैं। रॉबिन लियू ने 2018 में वनप्लस जॉइन किया था और लंबे समय तक भारत में कंपनी की रणनीति और विस्तार में अहम भूमिका निभाई।

वनप्लस इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में साफ किया है कि भारत में कंपनी का कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेगा और लोकल स्ट्रैटेजी के साथ बिजनेस कंटिन्यूटी पूरी तरह सुनिश्चित है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बदलाव केवल सामान्य इस्तीफा नहीं, बल्कि कंपनी के बड़े आंतरिक पुनर्गठन का हिस्सा माना जा रहा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रॉबिन लियू को हाल ही में ओप्पो ग्रुप में सब-ब्रांड ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभालने वाले रियलमी के सीईओ स्काई ली को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था। सूत्रों के अनुसार, इससे पहले रॉबिन लियू और स्काई ली दोनों अलग-अलग सब-ब्रांड्स को समान स्तर पर संभालते थे।

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गौरतलब है कि जनवरी 2026 में रॉबिन लियू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वनप्लस के भारत से बाहर होने की खबरों को खारिज किया था। उन्होंने साफ कहा था कि कंपनी भारत में बंद नहीं हो रही है और वनप्लस इंडिया का कारोबार सामान्य रूप से चल रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि किसी भी अपुष्ट खबर को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी जरूर सत्यापित करें।

इस बीच, कंपनी के बिजनेस प्रदर्शन को लेकर भी चिंता बढ़ी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साइबरमीडिया रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार 2025 में वनप्लस की शिपमेंट में 32 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं IDC के अनुमान के अनुसार, 2025 में कंपनी की शिपमेंट साल-दर-साल आधार पर 38.8 फीसदी तक घट गई। ऐसे में रॉबिन लियू का इस्तीफा और कंपनी की गिरती बिक्री, दोनों मिलकर वनप्लस इंडिया के भविष्य को लेकर नए सवाल खड़े कर रहे हैं।

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क्या रीयलमी (Realme) के हाथों में जाएगी कमान?

दरअसल, एक रिपोर्ट के अनुसार, रॉबिन लियू के इस्तीफे के पीछे कंपनी के भीतर चल रहा ‘पावर गेम’ बड़ा कारण हो सकता है।

  • रिपोर्टिंग का विवाद: चर्चा है कि रॉबिन को रीयलमी के CEO स्काई ली (Sky Li) को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था, जिन्हें ओप्पो (Oppo) ग्रुप में सब-ब्रांड ऑपरेशंस देखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
  • बराबरी का खत्म होना: सूत्रों का कहना है कि पहले रॉबिन और स्काई ली दोनों को बराबर का दर्जा हासिल था, लेकिन नए बदलावों ने रॉबिन की स्थिति पर असर डाला।

38% तक गिर गई सेल, मुश्किल में ब्रांड

बता दें कि पिछले कुछ समय से वनप्लस का मार्केट ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है। साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) और IDC के आंकड़ों ने कंपनी की चिंता बढ़ा दी है:

  • शिपमेंट में गिरावट: साल 2025 में वनप्लस की बिक्री में करीब 32% से 38.8% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
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क्या भारत छोड़ रही है कंपनी?

गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में रॉबिन लियू ने खुद सोशल मीडिया (X) पर स्पष्ट किया था कि भारत में वनप्लस के बंद होने की खबरें झूठी हैं। हालांकि, अब उनके इस्तीफे ने इन अफवाहों को फिर से हवा दे दी है।

वनप्लस इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि भारत में कंपनी का ऑपरेशन सामान्य रूप से चलता रहेगा और लोकल स्ट्रेटेजी में कोई बदलाव नहीं होगा। ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बिजनेस निरंतरता सुनिश्चित की गई है।