रायपुर। टूर ट्रेवल्स के एक व्यवसायी से 19.47 लाख की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने कोलकाता से धर-दबोचा। आरोपी ने अपने भाई और मामा के साथ मिलकर देशभर में 3 करोड़ से ज्यादा की ठगी की थी।

छत्तीसगढ़ की रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने टूर ट्रेवल्स के नाम पर देश भर में ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने भाई के साथ मिलकर रायपुर में टूर ट्रेवल्स कारोबारी से 19.47 लाख की ठगी की थी। पूर्व में इस मामले में आरोपी के भाई समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने कोलकाता से आरोपी अमन शर्मा को गिरफ्तार किया।

डालर के नाम पर की ठगी, 22 घटनाओं को दिया अंजाम

इन भाइयों ने तेलीबांधा क्षेत्र में टूर एण्ड ट्रेवल्स व्यवसायी से ठगे थे। इस मामले में 2 आरोपियों पहले ही गिरफ्तार को किया जा चुका है। इनमें एक मयंक शर्मा और अमन शर्मा सगे भाई हैं। दोनों महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडू, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्य-प्रदेश एवं उत्तर-प्रदेश राज्यों के विभिन्न जिलों के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कुल 22 घटनाओं में अंजाम 3 करोड़ रूपये ठगी कर चुके थे। पुलिस इनके साथ संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। तेलीबांधा पुलिस धारा 318(4), 3(5), 111 बी.एन.एस. का अपराध दर्ज किया गया है।

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फॉरेन टूर के नाम पर लगाया चूना

दरअसल, तेलीबांधा थाना क्षेत्र के गुरूनानक नगर निवासी टूर ट्रेवल्स व्यवसायी हरदीप सिंह होर ने ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उसने बताया था कि वो एयर टिकट, होटल बुकिंग तथा टूर पैकेज का कार्य करता है। 1 मार्च की शाम 5 बजे उसके मोबाइन पर व्हाट्सएप् काॅल आया था। काॅल करने वाले ने अपना नाम हर्षित अग्रवाल बताया और अमेरिका व लंदन में होटल बुकिंग कराने की बात कहने लगा।

होटल बुक होने के बाद आरोपी ने बैंक खाता विवरण मांगा और अगले दिन भुगतान करने की बात कहकर फोन काट दिया। इसके बाद 2 मार्च की दोपहर आरोपी ने फिर से फोन कर पीड़ित व्यवसायी को बुकिंग का पैसा लेने के लिए करेंसी टाॅवर तेलीबांधा के सातवें फ्लोर जेनेट-को वर्किंग स्पेस बुलाया और कहा कि अपने साथ 18000 यूएसडी व 2000 जीबीपी लाना और इसके बदले में उसका भाई रक्षित अग्रवाल उसे भारतीय मुद्रा दे देगा।

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बातों में उलझाकर ठगी को दिया अंजाम

उसी दिन दोपहर 2ः40 को खुद को रक्षित अग्रवाल बताने वाला युवक वहां पहुंचा और हरदीप सिंह से जीबीपी व यूएसडी लेकर नोट गिनने की मशीन लाने का झांसा देकर वहां से निकल गया। इतने में आरोपी हर्षित अग्रवाल फोन कर हरदीप को उलझाकर रखा, फिर फोन काट दिया। काफी देर बाद भी जब आरोपी रक्षित अग्रवाल वहां नहीं पहुंचा तो हरदीप को ठगी का अहसास हुआ। हरदीप ने हर्षित व रक्षित को काॅल किया, लेकिन दोनों का फोन बंद आने लगा।

हरदीप को खुद के साथ ठगी होने का अहसास होते ही इसकी शिकायत तेलीबांधा थाने में दर्ज कराई। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और क्राइम व पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।

हर्षित और रक्षित के नाम पर ठगी

पुलिस की टीम को जांच में पता चला कि हर्षित और रक्षित के नाम पर फोन करने वाले दो भाईयों का असली नाम अमन शर्मा ओर मयंक शर्मा है। जांच में पुलिस को मामले से जुडे आरोपी बंगाल के हावडा निवासी आरोपी प्रोसेनजित चक्रवर्ती और हरियाणा के रेवाड़ी निवासी मयंक शर्मा के लोकेशन का पता चला। पूर्व में ही रायपुर कमिश्नरेट पुलिस की संयुक्त टीम ने दोनों राज्यों में छापामार कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को पकड़ा। दोनों ने पूछताछ में कबूल किया कि उन्होंने अमन शर्मा के साथ मिलकर ठगी की घटना को अंजाम दिए थे।

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पूछताछ के बाद पुलिस की टीम आरोपी अमन शर्मा को पकड़ने के लिए कोलकाता रवाना हुई और 24 परगना से आरोपी अमन को पकड़ा गया।

आरोपी ने कबूल किया है कि उसने अपने भाई, मामा व अन्य साथियों के साथ मिलकर 9 राज्यों में 22 घटनाओं को अंजाम देने हुए 3 करोड़ से ज्यादा की ठगी किए थे। आरोपी के खिलाफ आगे की जांच कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी का नाम

अमन शर्मा पिता प्रदीप शर्मा 18 वर्ष निवासी रेवाड़ी जिला हरियाणा।