नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मची अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद और चर्चित युवा चेहरा राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटा दिया है। यह चड्ढा के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। उनकी जगह अब सांसद अशोक मित्तल उच्च सदन में पार्टी के नए डिप्टी लीडर होंगे।

राज्यसभा सचिवालय को भेजा गया पत्र

बता दें कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक औपचारिक पत्र भेजकर इस बदलाव की जानकारी दी है। इतना ही नहीं, पार्टी ने सचिवालय से यह भी अनुरोध किया है कि सांसद राघव चड्ढा को सदन में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। यह निर्देश संकेत देता है कि पार्टी अब उन्हें सदन के पटल पर अपनी बात रखने का मौका देने के मूड में नहीं है।

स्टार प्रचारकों की सूची से भी हुए बाहर

गौरतलब है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। पिछले हफ्ते ही आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए जारी अपनी स्टार प्रचारकों की सूची से भी राघव चड्ढा का नाम हटा दिया था। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे ‘कोई खास वजह’ नहीं है और चड्ढा किसी ‘पार्टी-विरोधी गतिविधि’ के दोषी नहीं पाए गए हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।

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दूरी की मुख्य वजह: महत्वपूर्ण मौकों पर गायब रहना

दरअसल, राघव चड्ढा पिछले कुछ समय से पार्टी और उसके वरिष्ठ नेतृत्व से कटे-कटे नजर आ रहे हैं। फरवरी के अंत में जब अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति मामले में राहत मिली थी, तब पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के दौरान चड्ढा मौजूद नहीं थे। हाल ही में चड्ढा ने मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ान यात्री कैफे की सराहना की थी, जो महाराष्ट्र की एनडीए सरकार के तहत संचालित है। इसे भी उनकी नाराजगी या दूरियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

निलंबन नहीं

राघव चड्ढा को औपचारिक रूप से पार्टी से निलंबित किए जाने की संभावना फिलहाल कम है। राज्यसभा में पार्टी के 10 सांसदों में से एक के रूप में तब तक बने रहने दिया जाएगा, जब तक वे खुद इस्तीफा न दे दें। लेकिन उपनेता पद से हटाना और सदन में बोलने पर पाबंदी लगाना स्पष्ट करता है कि उन्हें हाशिए पर ढकेला जा चुका है।

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