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टीआरपी डेस्क। केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार के आखिरी दौर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का एक बयान देश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। खड़गे ने केरल की जनता को चतुर बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कथित तौर पर गुजरात व उत्तर भारत के लोगों को ‘अशिक्षित’ करार दिया। इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर ‘बांटो और राज करो’ की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है।

क्या कहा मल्लिकार्जुन खड़गे ने?

दरअसल, रविवार (5 अप्रैल) को केरल में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा, “केरल के लोग बहुत चतुर और शिक्षित हैं। मोदी जी और मुख्यमंत्री विजयन, आप दोनों गुजरात या अन्य जगहों के अशिक्षित लोगों को मूर्ख बना सकते हैं, लेकिन केरल के लोगों को नहीं।” खड़गे का तर्क था कि केरल की उच्च साक्षरता दर के कारण वहां की जनता को गुमराह करना नामुमकिन है।

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सुधांशु त्रिवेदी का तीखा सवाल: ‘क्या गांधी-पटेल अनपढ़ थे?’

गौरतलब है कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इस पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने खड़गे से पूछा कि क्या वे महात्मा गांधी, सरदार पटेल और खुद कांग्रेस के दिग्गज नेताओं जैसे नेहरू और इंदिरा गांधी की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठा रहे हैं, जो उत्तर भारत और गुजरात से आते थे? त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा, “मैं राहुल गांधी के बारे में नहीं पूछूंगा क्योंकि उनके बारे में पूरा देश जानता है। केरल के लोग वाकई समझदार हैं, इसीलिए उन्होंने तिरुवनंतपुरम निकाय चुनाव में भाजपा को चुना।”

खड़गे के बयान को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

पूनावाला का आरोप: ‘हार के डर से जनता को अपशब्द’

बता दें कि भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे कांग्रेस की हताशा बताया। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, “कांग्रेस जब चुनाव हारती है, तो जनता को गाली देने लगती है। क्या अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव खड़गे के इस बयान से सहमत हैं कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग अशिक्षित और बेवकूफ हैं? यह उत्तर और दक्षिण भारत को बांटने की गहरी साजिश है।”

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9 अप्रैल को ‘अग्निपरीक्षा’

मैदानी सूत्रों के अनुसार, केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है। चुनाव से ठीक पहले इस विवाद ने कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं, क्योंकि भाजपा इसे उत्तर भारतीय अस्मिता और गुजरात के गौरव से जोड़कर पेश कर रही है। रायपुर के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान अक्सर चुनावों में ‘साइलेंट वोटर’ का मूड बदल देते हैं।