रायपुर। छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था अब भविष्य की तकनीक यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस होने जा रही है। दरअसल, गुरुवार 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गूगल इंडिया के प्रतिनिधियों के बीच हुई मुलाकात ने प्रदेश के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल दिए हैं। रायपुर से AI सक्षम शिक्षा अभियान का आगाज होने जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ अब देश में नवाचार का अग्रणी केंद्र बनेगा।

गूगल और रायपुर प्रशासन के बीच हुआ बड़ा समझौता

बता दें कि राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास पर गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख संजय जैन और पब्लिक पॉलिसी हेड राकेश रंजन ने CM साय से मुलाकात की। ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, रायपुर जिला प्रशासन और गूगल के बीच एक लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) साइन हुआ है। इसके तहत रायपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस अभियान को शुरू किया जाएगा, जिसे बाद में पूरे प्रदेश के जिलों में लागू किया जाएगा।

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2 लाख शिक्षकों को मिलेगा गूगल का सर्टिफिकेट

गौरतलब है कि इस अभियान का सबसे बड़ा फायदा राज्य के गुरुजी यानी शिक्षकों को होने वाला है। मिली जानकारी के अनुसार सक्षम शिक्षक अभियान के तहत प्रदेश के 2 लाख से अधिक शिक्षकों को AI आधारित शिक्षण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। गूगल फॉर एजुकेशन अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म इसके लिए बिल्कुल फ्री उपलब्ध कराएगा। शुरुआती चरण में 200 शिक्षकों के साथ विशेष वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। शिक्षकों को सिखाया जाएगा कि कैसे क्लासरूम में तकनीक का इस्तेमाल कर बच्चों की पढ़ाई को आसान और रोचक बनाया जाए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मुलाकात के दौरान कहा कि हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को ज्ञान और कौशल का केंद्र बनाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि नए युग की तकनीक से जोड़ना जरूरी है। मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल और रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की मौजूदगी में हुई इस चर्चा में CM ने स्पष्ट किया कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को जमीन पर उतारने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

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