टीआरपी डेस्क। गुरुवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छी खबर लेकर नहीं आई। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों के चलते बाजार खुलते ही लाल निशान पर पहुंच गया। सेंसेक्स 243 अंकों की गिरावट के साथ 77,319.33 पर खुला, वहीं निफ्टी भी 88 अंक फिसलकर 23,954.85 के स्तर पर आ गया।

युद्ध के साये में टूटा बाजार

दरअसल, बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में फिर से भड़की हिंसा है। मिली जानकारी के मुताबिक, लेबनान में सीजफायर होने के ठीक बाद इजरायल ने फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। इससे पूरी दुनिया में डर है कि सीजफायर कहीं पूरी तरह टूट न जाए।

तेल की कीमतों में लगी आग

बाजार के जानकारों का कहना है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है, जिसकी वजह से वहां जहाजों का आना-जाना लगभग ठप हो गया है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। तेल महंगा होने की खबर ने निवेशकों के हाथ-पांव फुला दिए। भारतीय रुपया भी आज दबाव में दिखा और बुधवार के 92.58 के मुकाबले कमजोर होकर 92.66 प्रति डॉलर पर खुला।

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इन शेयरों में दिखी हलचल

बाजार की इस उठापटक के बीच कुछ शेयरों ने दम दिखाया तो कुछ औंधे मुंह गिरे। NTPC, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), मैक्स हेल्थकेयर, बजाज ऑटो और हिंडाल्को के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, अडानी पोर्ट्स, इंफोसिस और M&M के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।

क्या है आगे की राह?

गौरतलब है कि गिफ्ट निफ्टी ने सुबह ही इस गिरावट के संकेत दे दिए थे। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तनाव कम नहीं होता, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशकों को फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति अपनानी चाहिए और जल्दबाजी में कोई भी बड़ा सौदा करने से बचना चाहिए।