टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे देश को दहला दिया है। बीते 12 घंटों में तीन और श्रमिकों के दम तोड़ने के बाद मरने वालों की कुल संख्या अब 23 तक पहुंच गई है। इस हादसे में जान गंवाने वालों में 5 श्रमिक छत्तीसगढ़ के हैं जबकि 18 अन्य राज्यों से थे।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्लांट हेड देवेंद्र पटेल सहित 19 जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत नामजद अपराध दर्ज किया है। हादसे में घायल 12 अन्य श्रमिकों का इलाज रायपुर और रायगढ़ के अस्पतालों में जारी है जहां कुछ की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
जांच में लापरवाही और मुआवजे का ऐलान
हादसे की प्रारंभिक तकनीकी जांच में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। फोरेंसिक और पुलिस विशेषज्ञों की टीम ने पाया कि बॉयलर के फर्नेस में जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा होने के कारण दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया था जिससे पाइप फट गया और जोरदार धमाका हुआ।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। राहत के तौर पर राज्य सरकार और पीएमओ ने मुआवजे की घोषणा की है वहीं प्लांट प्रबंधन ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 35 लाख रुपए की सहायता राशि और एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया है।



