प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शनिवार, 18 अप्रैल को राजधानी में सुरक्षा और आर्थिक मामलों से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता करने जा रहे हैं। कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी।
सुरक्षा और आर्थिक मोर्चे पर ‘ट्रिपल अटैक’
प्रधानमंत्री आज केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था और किसानों के मुद्दों पर भी बड़े फैसले ले सकते हैं।-
- CCS (सुरक्षा): देश की सैन्य और सामरिक तैयारियों की समीक्षा।
- CCEA (आर्थिक मामले): महंगाई और सप्लाई चेन पर पश्चिम एशिया संकट के असर का आकलन।
- Union Cabinet: संसद भवन में कैबिनेट की बैठक को संबोधित कर मंत्रालयों को नए निर्देश।
पश्चिम एशिया संकट
28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से पश्चिम एशिया में स्थिति तनावपूर्ण है। भारत के लिए इसके दो बड़े खतरे हैं:
- ऊर्जा संकट: भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल और गैस (LNG/LPG) के रूप में यहीं से आयात करता है।
- भारतीय नागरिक: खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते हैं, जिनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
‘पावर’ और ‘राशन’ का बैकअप प्लान
बैठक में सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आम आदमी की बुनियादी जरूरतों पर आंच न आए:
- कोयला भंडार: बिजली संकट न हो, इसके लिए थर्मल पावर प्लांट्स में 55 मिलियन टन से अधिक का कोयला स्टॉक सुनिश्चित किया गया है (जो लगभग 24 दिनों के लिए पर्याप्त है)।
- खेती और खाद: खरीफ और रबी सीजन के लिए उर्वरकों (Fertilizers) की उपलब्धता और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों पर चर्चा होगी।
- खाद्य सुरक्षा: अनाज और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए मीडियम और लॉन्ग-टर्म प्लान पर मुहर लग सकती है।



