जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए वह ऐतिहासिक घड़ी आ गई है जिसका उन्हें बरसों से इंतज़ार था। आगामी 30 अप्रैल से जम्मू और श्रीनगर के बीच सीधी रेल सेवा का आगाज़ होने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव खुद जम्मू रेलवे स्टेशन पहुंचकर इस नई शुरुआत की कमान संभालेंगे। अब आप जम्मू में नाश्ता कर सीधे कश्मीर की वादियों में दोपहर का लंच कर सकेंगे।
20 कोच वाली सुपर वंदे भारत
रेलवे ने इस रूट के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। फिलहाल जो दो वंदे भारत ट्रेनें कटड़ा और श्रीनगर के बीच चल रही थीं, अब उन्हीं का विस्तार जम्मू तक किया जा रहा है।
- बड़ी क्षमता: पहले यह ट्रेन 8 डिब्बों के साथ चलती थी, लेकिन अब इसे अपग्रेड कर 20 कोच का बना दिया गया है।
- सफल ट्रायल: ट्रैक और सिग्नलिंग का काम पूरा हो चुका है और ट्रायल रन में ट्रेन ने शानदार प्रदर्शन किया है। रेलवे जल्द ही इसका नया टाइम टेबल जारी करेगा।
कर्मचारियों और अमरनाथ यात्रियों की चांदी
बता दें कि इस ट्रेन सेवा की टाइमिंग बेहद सटीक रखी गई है।
- दरबार मूव में आसानी: 30 अप्रैल और 2 मई को जम्मू में सचिवालय बंद होकर 4 मई को श्रीनगर में खुलेगा। ऐसे में हजारों सरकारी कर्मचारियों के लिए यह ट्रेन किसी वरदान से कम नहीं होगी।
- तीर्थयात्रियों को राहत: 3 जुलाई से शुरू होने वाली श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए देश भर से आने वाले श्रद्धालु अब जम्मू से सीधे ट्रेन पकड़कर श्रीनगर पहुंच सकेंगे। उन्हें अब घंटों बस के सफर और हाईवे के जाम से जूझना नहीं पड़ेगा।
खराब मौसम में नहीं रुकेगी जिंदगी
गौरतलब है कि जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे अक्सर भूस्खलन और भारी बारिश के कारण बंद हो जाता है, जिससे घाटी का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से कट जाता है। दरअसल, यह रेल सेवा अब ऐसी परिस्थितियों में ‘जीवनरेखा’ का काम करेगी। चाहे बर्फबारी हो या बारिश, अब कश्मीर का सफर न थमेगा और न ही रुकेगा।



