Sachin Pilot Raipur Visit: छत्तीसगढ़ की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर राजधानी रायपुर से आ रही है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने मोर्चा संभाल लिया है और विधायकों की धड़कनें तेज कर दी हैं। कहने को तो चुनाव में अभी ढाई साल का वक्त है, लेकिन पायलट ने अभी से ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ मोड में आते हुए हर विधायक का कच्चा चिट्ठा खोलना शुरू कर दिया है। दीपक बैज और चरणदास महंत की मौजूदगी में चल रही इस बैठक ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
15 मिनट का इंटरव्यू और विधायकों का रिपोर्ट कार्ड
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सचिन पायलट एक-एक विधायक को अकेले बुला रहे हैं और करीब 15 मिनट तक उनसे सीधी बात कर रहे हैं। इस दौरान सिर्फ संगठन की बात नहीं हो रही, बल्कि पायलट विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्र की ग्राउंड रिपोर्ट मांग रहे हैं। साफ है कि आलाकमान अब किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। जो विधायक जनता के बीच सक्रिय नहीं हैं, उनके लिए यह खतरे की घंटी हो सकती है क्योंकि उनका रिपोर्ट कार्ड अभी से तैयार किया जा रहा है।
महिला आरक्षण बिल: भ्रम दूर करने की बड़ी रणनीति
बैठक के बीच से निकलकर विधायक संगीता सिन्हा ने जो बताया, वह चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि बैठक में महिला सशक्तिकरण बिल (33% आरक्षण) को लेकर लंबी चर्चा हुई। कांग्रेस का मानना है कि इस बिल को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। पायलट ने साफ निर्देश दिए हैं कि कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर यह बताना होगा कि कांग्रेस आरक्षण के खिलाफ नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि संगीता सिन्हा का नाम इस वक्त महिला कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में सबसे आगे चल रहा है, जिस पर उन्होंने कहा कि पार्टी का फैसला ही अंतिम होगा।
जिला और ब्लॉक अध्यक्षों की भी लगेगी क्लास
विधायकों से चर्चा पूरी होने के बाद पायलट का अगला टारगेट जिलाध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष हैं। रायपुर के सर्किट हाउस और राजीव भवन के आसपास कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा हुआ है। पायलट यह जानना चाहते हैं कि जमीनी स्तर पर संगठन कितना मजबूत है। पिछले 17 मार्च को हुए विधानसभा घेराव के बाद यह पायलट का बड़ा दौरा है, जो बताता है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस अब एक्शन मोड में आ चुकी है।



