World Press Freedom Index 2026 India: आज 3 मई यानी विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस (World Press Freedom Day) पर भारतीय मीडिया जगत के लिए एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको सोच में डाल दिया है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेस की आजादी के मामले में भारत अब 180 देशों की सूची में 157वें स्थान पर पहुंच गया है। रायपुर से लेकर दिल्ली तक के मीडिया के गलियारों में इस गिरावट की चर्चा तेज है क्योंकि पिछले साल भारत 151वें नंबर पर था। यानी भारत सीधे 6 पायदान नीचे खिसक गया।
पाकिस्तान और श्रीलंका से भी पीछे हुआ भारत
हैरानी की बात तो यह है कि इस बार हमारे पड़ोसी देश जैसे पाकिस्तान (153) और श्रीलंका (134) भी हमसे बेहतर स्थिति में नजर आ रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस रैंकिंग में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पत्रकारों पर बढ़ते कानूनी मामले और सुरक्षा का अभाव बताया जा रहा है। भारत की स्थिति को रिपोर्ट में अति गंभीर श्रेणी में रखा गया है।
पत्रकारों पर कानूनी शिकंजा और खतरे के निशान
भारत को पत्रकारों के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक माना गया है, जहां हर साल औसतन 2 से 3 पत्रकारों की जान उनके काम के कारण जाती है। पत्रकारों पर मानहानि, यूएपीए (UAPA) और राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इंटरनेट शटडाउन के मामले में भी भारत की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
आखिर दुनिया में नंबर-1 कौन है?
प्रेस की आजादी के मामले में नॉर्वे ने लगातार 10वें साल भी पहले स्थान पर है। उसके बाद नीदरलैंड, एस्टोनिया, डेनमार्क और स्वीडन का नंबर आता है। दूसरी तरफ, चीन (178) और उत्तर कोरिया (179) जैसे देश सबसे निचले पायदानों पर हैं।



