अंबिकापुर। सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड में प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत निर्मित सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे और जब यह खबर मीडिया में सुर्खियां बना तब जिले के कलेक्टर अजीत वसंत ने संज्ञान लिया और उनके निर्देश पर सड़क के खराब हिस्से को उखाड़ने का काम शुरू किया गया। इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

सड़क निर्माण के अगले ही दिन ग्रामीण हुए सक्रिय

दरअसल दो तीन दिनों पूर्व ही मैनपाट ब्लॉक के कदनई से लोटाभवना तक करीब 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत बनाई गई। जब ग्रामीणों ने देखा कि डामर की परत हाथ लगाने से ही उखड़ने लगी है, तब उन्होंने सड़क निर्माण में भारी लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया। इधर मीडिया में भी यह खबर सुर्खियां बन गया। टीआरपी न्यूज ने भी इस खबर का प्रकाशन कर मुख्यालय के अफसरों का ध्यान इस ओर खींचा।

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कलेक्टर ने जांच के दिए आदेश

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता को जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित सब इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विधायक ने दोबारा सड़क निर्माण के दिए निर्देश

वहीं सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी शिकायत मिलने के बाद तत्काल जांच कराने और घटिया सड़क को तोड़कर दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने के निर्देश दिए। विभाग ने गुरुवार से ही खराब हिस्सों को उखाड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

विधायक ने की ये अपील

विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कहीं भी घटिया निर्माण दिखाई देने पर तत्काल शिकायत करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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पौने दो करोड़ की लगत से बन रही सड़क

जानकारी के अनुसार मैनपाट ब्लॉक के कदनई से लोटाभवना तक करीब 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से बनाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। बारिश के बीच डामरीकरण कर दिया गया, जबकि सड़क की सतह की समुचित सफाई और कॉम्पेक्शन भी नहीं किया गया था।

डामर की पतली परत बिछाई


ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर डामर की परत बेहद पतली बिछाई गई है, जिसे आसानी से हाथों से हटाया जा सकता है। कई जगहों पर डामर उखाड़ने के बाद नीचे मिट्टी और डब्ल्यूबीएम की परत दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों ने बिना इमल्शन डाले सीधे डामर बिछाने का भी आरोप लगाया है, जिससे पहली बारिश में सड़क खराब होने की आशंका जताई जा रही है।

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दूसरी सड़कों का भी यही हाल

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा पेटी कांट्रेक्टरों को सौंप दिया गया, जिसके कारण मनमाने ढंग से काम कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मैनपाट क्षेत्र की 14 सड़कों में इसी प्रकार की शिकायतें सामने आ रही हैं। जिसके चलते इलाके में हाल ही बनी या फिर बन रही सड़कों की जांच की मांग उठने लगी है।