बालोद। जिले में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के खराब परिणामों ने शिक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले में हजारों छात्र फेल होने के बाद शिक्षा विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजे सामने आते ही विभाग ने 8 प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया, जबकि 14 अन्य प्रिंसिपल की वेतन वृद्धि रोक दी गई है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।

पीएमश्री स्कूल के प्राचार्य भी शामिल

खास बात यह है कि जिन स्कूलों पर कार्रवाई हुई है, उनमें कुछ पीएमश्री स्कूल भी शामिल बताए जा रहे हैं। लगातार गिरते परीक्षा परिणाम और जिले का टॉप-10 सूची से बाहर होना प्रशासन के लिए बड़ी चिंता बन गया है।

बालोद जिले में इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल के परीक्षा परिणाम उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। आंकड़ों के मुताबिक कक्षा 10वीं में 10 हजार से ज्यादा छात्रों में से 2,520 छात्र फेल हो गए, जबकि 12वीं में 819 छात्र असफल रहे। जिले का कोई भी छात्र प्रदेश की टॉप-10 मेरिट सूची में जगह नहीं बना सका। इसी के चलते जिला शिक्षा विभाग ने जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों का मानना है कि कई स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता कमजोर रही और मॉनिटरिंग में लापरवाही सामने आई। यही वजह है कि खराब प्रदर्शन वाले स्कूलों के खिलाफ सीधे अनुशासनात्मक कदम उठाए गए।

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DEO ने कहा- सुधार के प्रयास नजर नहीं आए

खराब रिजल्ट के बाद जिला शिक्षा विभाग ने 8 प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं 14 अन्य प्राचार्यों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश जारी किया गया। विभाग का कहना है कि लगातार कमजोर परिणाम आने के बावजूद सुधार के प्रयास नजर नहीं आए। कई स्कूलों को पहले भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसकी समीक्षा की. विभाग ने पाया कि जिले के कई स्कूलों का परिणाम बेहद निराशाजनक रहा। कुछ विद्यालयों में परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों का रिजल्ट 30 से 47 फीसदी ही रहा। लगातार गिरते रिजल्ट और खराब प्रदर्शन को शिक्षा विभाग ने लापरवाही माना। मॉडल माने जाने वाले पीएमश्री स्कूल भी इस कार्रवाई से नहीं बच सके। इन पर भी विभाग की कार्रवाई का डंडा चला। इन स्कूलों से बेहतर रिजल्ट की आशा थी लेकिन वे खरे नहीं उतर पाए।

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