टीआरपी डेस्क। बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को शिक्षक भर्ती के चौथे चरण का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। जेपी गोलंबर पर बड़ी संख्या में जुटे अभ्यर्थियों ने बिहार लोक सेवा आयोग के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। इस घटना में कई छात्रों को चोटें आई हैं और कुछ को हिरासत में भी लिया गया है।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
छात्र नेता दिलीप कुमार ने आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 13 लाख अभ्यर्थियों को भर्ती के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। उनके अनुसार, परीक्षा नियंत्रक ने पहले 19 अप्रैल तक विज्ञापन जारी करने और 26 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मई का दूसरा सप्ताह शुरू होने के बावजूद अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। छात्रों का कहना है कि बार-बार नई तारीखें देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिससे तंग आकर वे सड़क पर उतरने को मजबूर हुए।
कुल 46,882 पदों पर बहाली
शिक्षक भर्ती के इस चौथे चरण (टीआरई-4) के माध्यम से कुल 46,882 पदों पर बहाली होनी है। इसमें शिक्षा विभाग सहित पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति-जनजाति और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में नियुक्तियां की जाएंगी। सबसे अधिक रिक्तियां माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर हैं, जहां क्रमशः 9,082 और 16,774 पदों को भरा जाना है। इसके अलावा प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के लिए भी हजारों पद आरक्षित हैं।
टीआरई-4 की परीक्षाओं के लिए 22 से 27 सितंबर संभावित तारीख तय
प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल टीआरई-4 की परीक्षाओं के लिए 22 से 27 सितंबर के बीच की संभावित समय सीमा तय की गई है। हालांकि, विज्ञापन में हो रही देरी ने अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पुलिस बल फिलहाल संवेदनशील इलाकों में तैनात है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।


