विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भड़के विधायक राजेश मूणत

टीआरपी। रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने आज क्षेत्र में चल रहे करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का 3 घंटे तक सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में खामियां मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा।

रायपुर पश्चिम में बन रहे 100 बेड के अस्पताल और नालंदा लाइब्रेरी पार्ट-2 जैसी परियोजनाएं हजारों नागरिकों और छात्रों के भविष्य से जुड़ी हैं। विधायक की इस सख्ती से न केवल सरकारी धन का सदुपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और मजबूती भी आएगी।

निर्माण में लापरवाही पर कड़े तेवर
विधायक मूणत ने सरोना में 16 करोड़ की लागत से बन रहे अत्याधुनिक अस्पताल के ‘फूटिंग वर्क’ में तकनीकी खामियां पाईं। इस पर उन्होंने CGMSC के कार्यपालन अभियंता और अन्य अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सुधार नहीं हुआ, तो सीधे प्रबंध संचालक स्तर पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

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इसी तरह, 21 करोड़ की लागत से बन रही नालंदा लाइब्रेरी पार्ट-2 के निरीक्षण के दौरान निर्माण एजेंसी द्वारा सही जानकारी न देने पर विधायक ने तीखी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने दो-टूक कहा कि यदि गुणवत्ता बनाए रखने की क्षमता नहीं है, तो एजेंसी तत्काल कार्य छोड़ दे। सार्वजनिक संपत्ति के साथ कोई भी गोपनीयता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

विकास कार्यों की सराहना और समय सीमा
निरीक्षण के दौरान विप्र नगर में बन रहे महिला योग भवन (40 लाख) और महतारी सदन (1 करोड़) की गुणवत्ता पर उन्होंने संतोष जताया। साथ ही, कोटा स्थित शासकीय महाविद्यालय के निर्माण कार्य को मानसून से पहले पहुँच मार्ग सहित पूर्ण करने के निर्देश PWD के अधिकारियों को दिए।

सरोना अस्पताल: ₹16 करोड़ की लागत, 100 बेड की क्षमता।
नालंदा लाइब्रेरी पार्ट-2: ₹21 करोड़ का प्रोजेक्ट, छात्रों के लिए विशेष हब।
महतारी सदन: ₹1 करोड़ की लागत से महिला सशक्तिकरण हेतु निर्माण।
निरीक्षण का समय: विधायक ने लगातार 3 घंटे धरातल पर बिताए।

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विधायक राजेश मूणत ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट समय सीमा दे दी है। आने वाले दिनों में इन प्रोजेक्ट्स की फिर से समीक्षा की जाएगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों पर विभागीय गाज गिरना तय माना जा रहा है।