टीआरपी डेस्क। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में एक ऐसा पल आया जिसने सबका ध्यान खींच लिया। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बुजुर्ग के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। यह बुजुर्ग कोई और नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के सबसे वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार हैं। 98 साल के माखनलाल सरकार को देखकर वहां मौजूद हर शख्स यह जानने को उत्सुक दिखा कि आखिर वह कौन हैं।
दशकों पुराना है राजनीतिक सफर
माखनलाल सरकार भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन के शुरुआती स्तंभों में से एक माने जाते हैं। उनका राजनीतिक सफर दशकों पुराना है। साल 1952 में जब श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में तिरंगा फहराने का आंदोलन शुरू किया था, तब माखनलाल उनके साथ थे और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। वह जमीनी स्तर के उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी विचारधारा का साथ नहीं छोड़ा।
बंगाल के उत्तरी हिस्सों में संगठन को मजबूत करने की भूमिका
1980 में भाजपा के गठन के बाद उन्होंने बंगाल के उत्तरी हिस्सों में संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और पश्चिम दिनाजपुर जैसे जिलों में संगठनात्मक समन्वयक के रूप में काम किया और मात्र एक साल में 10,000 नए सदस्य जोड़े। उनकी निष्ठा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह लगातार सात वर्षों तक जिला अध्यक्ष रहे, जबकि उस दौर में भाजपा में कोई भी नेता आमतौर पर दो साल से अधिक एक पद पर नहीं रहता था।
शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
यह विशेष सम्मान समारोह के उस हिस्से में देखने को मिला जब शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शुभेंदु के साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निसिथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली। पीएम मोदी द्वारा एक पुराने कार्यकर्ता को दिया गया यह सम्मान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे पार्टी के प्रति उनके समर्पण का सबसे बड़ा प्रमाण माना जा रहा है।


