टीआरपी डेस्क। असम में भारतीय जनता पार्टी ने नेतृत्व को लेकर जारी सस्पेंस खत्म कर दिया है। डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा को सर्वसम्मति से भाजपा और एनडीए विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। वे 12 मई को असम के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ लेंगे। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया के लिए भाजपा ने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक के रूप में असम भेजा था। सरमा ने 6 मई को ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और फिलहाल वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर काम देख रहे हैं।

असम में भाजपा गठबंधन का शानदार प्रदर्शन

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया है। भाजपा ने अकेले 82 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने 10-10 सीटें जीती हैं। कुल 102 सीटों के साथ गठबंधन के पास सदन में दो-तिहाई बहुमत है।

See also  Stock Market : अंबेडकर जयंती पर आज शेयर बाजार में ट्रेडिंग हॉलिडे, BSE और NSE बंद, जानिए MCX में कब शुरू होगा कामकाज

हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर काफी प्रभावशाली

हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। 90 के दशक में छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले सरमा लंबे समय तक कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे। साल 2001 में पहली बार विधायक बनने के बाद वे तरुण गोगोई सरकार में सबसे भरोसेमंद चेहरा बने। हालांकि, 2015 में कांग्रेस आलाकमान से मतभेदों के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।

नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस के संयोजक बनें

भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने पूर्वोत्तर के राज्यों में पार्टी का आधार मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस का संयोजक बनाया गया, जिसके बाद उन्होंने असम, मणिपुर और त्रिपुरा जैसे राज्यों में भाजपा की सरकार बनाने में बड़ी सफलता हासिल की। 2016 की सोनोवाल सरकार में सबसे शक्तिशाली मंत्री रहने के बाद अब वे लगातार दूसरी बार राज्य की कमान संभालने जा रहे हैं।