टीआरपी डेस्क। राजस्थान से बंगाल तक बनी ट्रफ लाइन और बिहार से आंध्र प्रदेश तक सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण छत्तीसगढ़ के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में शाम और रात के समय बादल छाने, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है, जिसमें 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, आने वाले पांच दिनों तक प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। हालांकि, 11 मई के बाद से थंडरस्टॉर्म यानी अंधड़ की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है। राहत की बात यह है कि फिलहाल तापमान में कोई भारी उछाल दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में पारा 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इससे गर्मी का प्रभाव एक बार फिर तेज होने के आसार हैं।
प्रमुख शहरों का तापमान
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 39 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ दुर्ग प्रदेश में सबसे गर्म रहा। वहीं, पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा। राजधानी रायपुर में भी दोपहर और शाम को बादल छाए रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी को देखते हुए नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है, जिससे उमस और गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा।


