टीआरपी। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने 12 मई 2026 को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में न्यायिक कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर और मरवाही में आधुनिक सिविल कोर्ट भवन का वर्चुअल भूमि पूजन किया। इस पहल का उद्देश्य जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में न्यायिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना और अधिकारियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।
इस निर्माण से मरवाही क्षेत्र के ग्रामीणों को न्याय के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी, जिससे समय और धन की बचत होगी। साथ ही, पेंड्रारोड में सर्वसुविधायुक्त आवास बनने से न्यायिक प्रक्रिया में लगे कर्मचारियों की कार्यक्षमता और स्थानीय उपस्थिति में सुधार होगा।
न्याय व्यवस्था का आधुनिकीकरण और गुणवत्ता पर जोर
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने वर्चुअल संबोधन के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य शासन के एनआईटी (NIT) मानकों के अनुसार ही होने चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता से समझौता न करने की बात कहते हुए कहा कि ये भवन सुरक्षा और उपयोगिता के मामले में पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बनने चाहिए।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में हाईकोर्ट की पोर्टफोलियो जज रजनी दुबे भी वर्चुअली उपस्थित रहीं। पेंड्रारोड में कुल 26 आवासों का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें अलग-अलग श्रेणियों (जी, एच और आई टाइप) के घर शामिल हैं। मरवाही का नवीन सिविल कोर्ट भवन पूरी तरह आधुनिक होगा, जो भविष्य की न्यायिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
कुल आवास: पेंड्रारोड में न्यायिक कर्मियों के लिए 26 नए आवास बनेंगे।
आवास श्रेणी: 8 जी-टाइप, 10 एच-टाइप और 8 आई-टाइप आवासों का होगा निर्माण।
प्रमुख उपस्थिति: पेंड्रारोड में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेशबाबू साहू, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
लोक निर्माण विभाग (PWD) अब मुख्य न्यायाधीश के निर्देशों के अनुसार निर्माण कार्य की समयसीमा और गुणवत्ता की निगरानी करेगा। जल्द ही निर्माण शुरू होने से जिले के न्यायिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।


