मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आह्वान: ईंधन संरक्षण बनेगा जन-आंदोलन

टीआरपी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के आह्वान का समर्थन करते हुए राज्य में ईंधन बचत को एक ‘जन-आंदोलन’ बनाने का संकल्प लिया है। वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब राज्य सरकार अपने संसाधनों का उपयोग और भी अधिक संयमित एवं जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से करेगी।

सरकारी स्तर पर ईंधन खपत कम करने का यह निर्णय न केवल सरकारी खजाने पर बोझ कम करेगा, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल नीतियों को भी बढ़ावा देगा। सरकारी वाहनों के इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में तब्दील होने से प्रदेश में हरित ऊर्जा (Green Energy) के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और प्रदूषण में कमी आएगी।

मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक भ्रमणों के दौरान कारकेड में शामिल होने वाले वाहनों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने मंत्रीगणों और निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का आग्रह किया है।

सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की शासकीय परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा। इसके तहत, समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कदम न केवल पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी लाएगा, बल्कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक होगा।

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मुख्य पहल: सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से EV में बदलना।

संसाधन प्रबंधन: आधिकारिक कारकेड में वाहनों की संख्या सीमित करना।

अपील: सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और कारपूलिंग को बढ़ावा।

उद्देश्य: ईंधन की बचत, प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा का प्रसार।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब संबंधित विभाग सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए रोडमैप तैयार करेंगे। साथ ही, जनता को जागरूक करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि ईंधन संरक्षण को एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी के रूप में अपनाया जा सके।