रायपुर में रामकी कंपनी के ड्राइवरों की हड़ताल पर महापौर ने सख्त रुख अपनाया

टीआरपी। रायपुर की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करने वाले रामकी कंपनी के ड्राइवरों के ‘काम बंद’ आंदोलन पर महापौर मीनल चौबे ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जनता को गंदगी के बीच नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने ड्यूटी पर लौटने के इच्छुक कर्मचारियों को डराने या रोकने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

राजधानी रायपुर में कचरा उठाव बंद होने से शहर में महामारी और गंदगी का खतरा बढ़ सकता है। महापौर का यह कड़ा रुख सुनिश्चित करता है कि नगर निगम प्रशासन शहर की स्वच्छता और नागरिकों के स्वास्थ्य को किसी भी श्रमिक विवाद से ऊपर रख रहा है।

मामले का विवरण
रामकी कंपनी के कुछ ड्राइवरों द्वारा काम बंद किए जाने के बाद रायपुर महापौर ने शहर की व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। महापौर को जानकारी मिली है कि हड़ताली कर्मचारी न केवल खुद काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि काम पर आने वाले अन्य ड्राइवरों को भी डरा-धमका कर रोक रहे हैं। उन्होंने इसे नैतिक और कानूनी रूप से गलत बताते हुए प्रशासन को ऐसे तत्वों पर नजर रखने को कहा है।

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महापौर ने रामकी कंपनी के प्रबंधन को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करें ताकि वार्डों से कचरा उठाने का काम प्रभावित न हो। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए यह भी कहा कि संवाद के द्वार हमेशा खुले हैं, लेकिन काम का बहिष्कार कर शहर को बंधक बनाना उचित नहीं है। उन्होंने ड्राइवरों से शहर के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तुरंत काम पर लौटने की अपील की है।

मुख्य तथ्य
महापौर ने स्पष्ट किया है कि काम करने के इच्छुक कर्मचारियों को रोकना कानूनन अपराध है और इस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

कचरा उठाव व्यवस्था सुचारू रखने के लिए रामकी कंपनी को ‘वैकल्पिक व्यवस्था’ सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।

यदि ड्राइवर काम पर नहीं लौटते हैं, तो नगर निगम प्रशासन वैकल्पिक ठेकेदारों या नए ड्राइवरों के जरिए सफाई व्यवस्था बहाल कर सकता है। वहीं, काम में बाधा डालने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई की संभावना भी बढ़ गई है।

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