रायगढ़। कटेल टिकरा जंगल में मिली अधिवक्ता की लाश के मामले में रायगढ़ पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। दो साल से चल रहे प्रेम संबंध में शादी का दबाव बनने पर प्रेमी लोकनाथ पटेल ने ही आराधना सिदार की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। SSP शशि मोहन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी दी।
जंगल में मिला था नग्न अवस्था में शव
12 मई को थाना पूंजीपथरा पुलिस को सूचना मिली कि कटेल टिकरा जंगल की शासकीय भूमि पर एक अज्ञात महिला का शव पड़ा है। ग्राम कोटवार अयोध्या प्रसाद माझी ने शव देखा था। महिला का शव नग्न हालत में था। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 108/2026 धारा 103(1), 238 BNS के तहत केस दर्ज किया। मौके पर एडिशनल SP अनिल सोनी, DSP सुशांतो बनर्जी, FSL और डॉग स्क्वॉड पहुंची।

गुमशुदगी रिपोर्ट और CCTV से खुला राज
जांच के दौरान थाना चक्रधरनगर में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद अहम सुराग मिला। घटनास्थल से मिले कपड़े, सैंडल और फोटो परिजनों को दिखाने पर शव की पहचान आराधना सिदार, 31 वर्ष, निवासी केराझरिया, लैलूंगा के रूप में हुई।
पुलिस ने कॉल डिटेल और आसपास के CCTV खंगाले। फुटेज में एक युवक बाइक पर आराधना को ले जाता दिखा। बाइक नंबर के आधार पर पुलिस सक्ती निवासी 30 वर्षीय लोकनाथ पटेल तक पहुंची और उसे हिरासत में लिया।
इस तरह रची हत्या की साजिश
पूछताछ में लोकनाथ ने हत्या कबूल की। उसने बताया कि आराधना से पिछले दो साल से प्रेम संबंध था। वह पहले से शादीशुदा था, जबकि आराधना लगातार शादी का दबाव बना रही थी। इसी से परेशान होकर उसने हत्या की साजिश रची।
9 मई की रात बात कर 10 मई को मिलने की योजना बनाई। आरोपी बाइक से आराधना को सक्ती और दमाऊधारा मंदिर ले गया। शाम को सक्ती के एक लॉज में फर्जी नाम से कमरा लिया। अगले दिन सुनसान जंगल में ले जाकर पहले गला दबाया, फिर पत्थर और धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश, आवाज बदलकर की बात
हत्या के बाद आरोपी ने खून के निशान मिटाए और सबूत छिपाने की कोशिश की। शक से बचने के लिए मृतिका का मोबाइल इस्तेमाल कर उसकी बहन और सहेलियों से महिला की आवाज में बात भी की। पुलिस ने आरोपी के पास से मृतिका का मोबाइल, घटना के वक्त पहने कपड़े और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं।इस अंधे कत्ल का खुलासा SSP शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल SP अनिल सोनी और DSP सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में हुआ। निरीक्षक रामकिंकर यादव, ASI उमाशंकर विश्वाल और थाना स्टाफ की भूमिका अहम रही।


