Chhattisgarh News: बस्तर के सुदूर इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। अब अंदरूनी गांवों तक पहुंचना आसान होगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने कोंडागांव में एक हाई-लेवल बैठक ली है। उन्होंने अफसरों और ठेकेदारों को दो टूक कह दिया है कि बीजापुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव में सड़कों और पुलों का काम अब कछुआ चाल से नहीं चलेगा। काम में तेजी लानी ही होगी।
हर महीने होगा ठेकेदारों का भुगतान, बहानेबाजी नहीं चलेगी
अक्सर ठेकेदार फंड न मिलने का रोना रोते हैं। सचिव मुकेश कुमार बंसल ने इसका इलाज ढूंढ लिया है। उन्होंने अफसरों को कड़ा निर्देश दिया है कि किसी भी ठेकेदार का पैसा न रोका जाए। हर महीने उनके काम की जांच करें और तुरंत भुगतान करें।
पैसा टाइम पर मिलेगा, तो काम भी टाइम पर पूरा होना चाहिए। अगर किसी ठेकेदार ने काम में ढिलाई बरती या खराब क्वालिटी का सामान लगाया, तो उसे सीधे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। अब अफसरों को दफ्तर छोड़कर सीधे फील्ड पर जाना होगा।
केशकाल घाटी बायपास और खड़कघाट पुल पर बड़ा अपडेट
बस्तर की लाइफलाइन कहे जाने वाले केशकाल घाटी में अक्सर जाम लगता है। इस जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बायपास सड़क का काम तेज होगा। वन विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द पेड़ों की कटाई पूरी करने को कहा गया है। जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर बन रहे खड़कघाट पुल का काम अब रफ्तार पकड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 44 करोड़ से ज्यादा की लागत से यह हाई-लेवल पुल बन रहा है। सचिव ने खुद मौके पर जाकर निरीक्षण किया और लेबर व मशीनें बढ़ाने के निर्देश दिए।
मानसून से पहले बारहमासी सड़कों का खाका तैयार
बस्तर में बारिश के दिनों में कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता है। कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना और वन मंडलाधिकारी दिव्या गौतम की मौजूदगी में हुई इस बैठक में तय हुआ कि ऐसे टापू बनने वाले गांवों के लिए बारहमासी सड़कों और पुलों का प्रस्ताव तुरंत शासन को भेजा जाएगा। बजट में शामिल वीआईपी सड़कों का एस्टीमेट 15 अगस्त तक हर हाल में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।



