लोकल रिपोर्टर, वृंदावन
वृंदावन। श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन से एक बड़ी और परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। स्वास्थ्य ठीक न होने की वजह से महाराज जी ने अपनी प्रसिद्ध ‘रात्रि पदयात्रा’ को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही अब भक्तों को उनके ‘एकांतिक दर्शन’ भी नहीं मिल सकेंगे।
रोज की तरह रविवार रात को भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु महाराज जी के दर्शन की आस लेकर पहुंचे थे। लेकिन तड़के 3 बजे जब प्रेमानंद महाराज पदयात्रा पर नहीं निकले, तो भक्तों के बीच चिंता बढ़ गई। उनकी जगह आश्रम के शिष्यों ने कमान संभाली।
शिष्यों ने लाउडस्पीकर से किया बड़ा ऐलान
केली कुंज आश्रम के शिष्यों ने सड़क पर खड़े भक्तों को लाउडस्पीकर के जरिए जानकारी दी। उन्होंने कहा, आप सभी श्रद्धालुओं से हाथ जोड़कर निवेदन है कि महाराज जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। इसी वजह से आज से उनकी पदयात्रा रद्द की जा रही है। कृपया सड़क किनारे खड़े होकर भीड़ न लगाएं और अपने स्थान पर लौट जाएं।” इस घोषणा के बाद देश-विदेश से आए हजारों भक्तों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
केली कुंज आश्रम प्रबंधन के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज पिछले 21 सालों से किडनी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद वे भक्तों को दर्शन देने के लिए कड़े नियमों का पालन करते रहे हैं।
भक्तों ने कहा- राधा रानी हमारे महाराज जी को जल्द ठीक करें
बाराबंकी से सपरिवार आए राजू गुप्ता, पुष्पा गुप्ता और कृति गुप्ता ने बताया कि वे महाराज जी के दर्शन के लिए आए थे, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से दर्शन नहीं हो पाए। अब दोबारा कब मौका मिलेगा, इसकी कोई पक्की जानकारी नहीं है। सभी भक्तों ने भावुक होकर कहा, “हम लाडली जी (राधा रानी) से यही प्रार्थना करते हैं कि महाराज जी का स्वास्थ्य जल्द से जल्द ठीक हो जाए, ताकि हम फिर से उनके दर्शन कर सकें।”
डेढ़ किलोमीटर पैदल चलते हैं महाराज जी
आमतौर पर संत प्रेमानंद महाराज हर दिन तड़के 3 बजे केली कुंज आश्रम से सौभरी वन के लिए निकलते हैं। वे करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हैं। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ करीब 20 हजार भक्त उनके दीदार के लिए खड़े रहते हैं। शनिवार-रविवार (वीकेंड) और त्योहारों पर तो यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है। फिलहाल, पूरा भक्त समाज उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।



