टीआरपी। छत्तीसगढ़ खनिज विभाग ने रायपुर जिले के आरंग तहसील में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1740 घनमीटर साधारण रेत का अवैध भंडारण जप्त किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के बाद राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने यह औचक छापेमारी की है।
रायपुर और आरंग क्षेत्र में महानदी से जुड़े इलाकों में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन से न केवल राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था, बल्कि स्थानीय पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही थी। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई और ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर नदियों के संरक्षण और सरकारी नियमों के पालन को बल मिलेगा।
समोदा-कागदेही मार्ग पर खनिज विभाग का छापा
सचिव खनिज साधन विभाग तथा संचालक के निर्देश पर केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने आरंग तहसील के ग्राम कागदेही में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को समोदा-कागदेही मार्ग और आर्या पेट्रोल पंप के दक्षिण दिशा में फॉरेस्ट नर्सरी के पास बिना किसी वैध अनुमति के भारी मात्रा में गौण खनिज साधारण रेत का अवैध भंडारण मिला।
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 के उल्लंघन की पुष्टि होने पर खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत की गई। जप्त की गई पूरी रेत को सुरक्षित रखवाने के लिए नगर पंचायत समोदा के पार्षद श्री देवेंद्र कुमार साहू की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। इसके साथ ही समोदा के पास अवैध रेत परिवहन में लगे दो हाईवा वाहनों को भी जप्त कर आरंग थाना परिसर में खड़ा कराया गया है।
जप्त रेत की मात्रा: आरंग के ग्राम कागदेही से कुल 1740 घनमीटर अवैध रेत जप्त की गई।
वाहनों पर कार्रवाई: अवैध परिवहन में शामिल 2 हाईवा वाहनों को जप्त कर आरंग थाने के हवाले किया गया।
निगरानी तकनीक: अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रात्रिकालीन गश्त के साथ ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
खनिज विभाग और जिला प्रशासन की टीमें अब जिले के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी रात्रिकालीन गश्त और सघन निगरानी बढ़ाने जा रही हैं। अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त अन्य लोगों के खिलाफ आने वाले दिनों में और भी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई देखने को मिल सकती है।


