रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कल यानी मंगलवार की शाम 6 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई है। प्रदेश में इस समय सुशासन तिहार चल रहा है। इस बीच होने वाली यह पहली बड़ी बैठक है।

पिछले दो सालों में सुशासन तिहार के दौरान ऐसी बैठक नहीं देखी गई। यही वजह है कि इस बैठक को लेकर रायपुर के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सब जानना चाहते हैं कि कल क्या बड़ा होने वाला है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सोमवार की शाम को ही दिल्ली के अपने अहम दौरे से वापस रायपुर लौट रहे हैं। उनके लौटने के तुरंत बाद इस बैठक का होना कई बड़े इशारे कर रहा है।

दिल्ली और बस्तर के दौरों का दिखेगा सीधा असर

प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में कई ऐसे बड़े फैसले होने वाले हैं जो सीधे जनता से जुड़े हैं। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री का बस्तर दौरा हुआ था। इसके तुरंत बाद सीएम खुद दिल्ली दौरे पर गए थे। इन दोनों ही बड़े दौरों में केंद्र की तरफ से सरकार को कुछ बेहद जरूरी निर्देश मिले हैं। कल शाम होने वाली बैठक में इन निर्देशों को जमीन पर उतारने के लिए बड़े नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं। बस्तर के विकास और सुरक्षा से जुड़ी कुछ नई योजनाओं को भी हरी झंडी मिल सकती है।

See also  सूबेदार, उप निरीक्षक, प्लाटून कमांडर पद के लिए दस्तावेज सत्यापन तिथि जारी

मध्य प्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी नई तबादला नीति

मंत्रालय के बड़े अधिकारियों के बीच चल रही चर्चाओं की मानें तो इस बार साय कैबिनेट मध्य प्रदेश सरकार के फॉर्मूले को अपना सकती है। राज्य में पिछले काफी समय से एक कड़क और पारदर्शी तबादला नीति की मांग चल रही थी। कयास लगाए जा रहे हैं कि कल होने वाली इस बैठक में नई तबादला नीति के मसौदे पर अंतिम मुहर लग सकती है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाले दिनों में प्रदेश के प्रशासनिक अमले में एक बहुत बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा।

मंत्रालय में बढ़ाई गई सुरक्षा, मंत्रियों को रायपुर रहने के निर्देश

कल शाम 6 बजे से नया रायपुर स्थित महानदी भवन (मंत्रालय) में यह बैठक शुरू होगी। बैठक की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी मंत्रियों को कल दोपहर तक रायपुर पहुंचने के निर्देश दे दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि शाम को मंत्रालय के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। सुशासन तिहार के इस मौके पर मुख्यमंत्री साय कुछ ऐसी घोषणाएं भी कर सकते हैं जिससे आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल सके।

See also  TRP Special : झारखंड से पहले इन 10 राज्यों में भी पिता के बाद बेटे बन चुके हैं मुख्यमंत्री