टीआरपी डेस्क। बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर एक बहुत बड़ा तूफान आने वाला है। राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरें सच हुईं तो दिल्ली की संसद में दीदी को बहुत बड़ा झटका लग सकता है। चर्चा बहुत गर्म है कि लोकसभा में तृणमूल के कई सांसद सीधे बीजेपी के संपर्क में हैं। यह कोई छोटा-मोटा गुट नहीं, बल्कि एक पूरा बड़ा समूह बताया जा रहा है जो पाला बदलने की तैयारी में है।

29 में से 12 सांसदों पर नजर, चल रही है बड़ी प्लानिंग

अंदर की खबर देने वाले सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में तृणमूल के कुल 29 सांसद हैं। इनमें से करीब 12 सांसदों ने बीजेपी में जाने या बाहर से समर्थन देने का मन बना लिया है। बात यहीं खत्म नहीं होती। पांच से छह और सांसदों से भी पर्दे के पीछे बातचीत का दौर चल रहा है। कोलकाता के कालीघाट से लेकर दिल्ली के लुटियंस जोन तक इस खबर ने खलबली मचा दी है।

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एंटी डिफेक्शन लॉ से बचने का क्या है खेल?

कानूनी पचड़े से बचने के लिए पूरी रणनीति बहुत सोच-समझकर बनाई जा रही है। दल-बदल विरोधी कानून के तहत सदस्यता न जाए, इसके लिए कम से कम 19-20 सांसदों का एक साथ आना जरूरी है। इसी आंकड़े को जुटाने के लिए पूरा जोर लगाया जा रहा है। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के बेहद करीबी सांसद भी इस लिस्ट में बताए जा रहे हैं। टीएमसी के अंदर चुनावी मैनेजमेंट करने वाली एजेंसी आईपैक (I-PAC) के काम करने के तरीके से कई नेता बहुत नाराज हैं। पार्टी के भीतर फैसले लेने के तौर-तरीकों को लेकर भी सांसदों में भारी असंतोष है।

दिल्ली में मजबूत होगी सरकार, सहयोगियों पर घटेगी निर्भरता

बीजेपी के लिए यह मौका किसी लॉटरी से कम नहीं है। लोकसभा में अभी बीजेपी के पास 240 सांसद हैं और सरकार सहयोगियों के भरोसे चल रही है। अगर टीएमसी के सांसद पाला बदलते हैं तो बीजेपी की अपनी ताकत बढ़ जाएगी। इसके बाद सहयोगियों पर निर्भरता कम हो जाएगी। सूत्रों की मानें तो लोकसभा के बाद राज्यसभा के टीएमसी सांसदों को लेकर भी बड़ा गेम प्लान तैयार है। हालांकि, अभी तक किसी भी बड़े नेता ने इस मामले पर खुलकर कोई बयान नहीं दिया है।

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