टीआरपी। बलौदाबाजार-भाटापारा जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सिमगा और पलारी क्षेत्र में देर रात बड़ी छापेमारी की है। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने इस औचक कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से डंप करके रखी गई कुल 88 ट्रैक्टर रेत और परिवहन में लगे वाहनों को जब्त किया है।
छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों और नदियों के तटीय गांवों में अवैध रेत खनन के कारण पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है और सरकारी राजस्व की खुलेआम चोरी हो रही है। प्रशासन की इस अचानक हुई रात्रिकालीन छापेमारी से रेत माफियाओं के हौसले पस्त होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी। साथ ही, सरपंचों की सुपुर्दगी में रेत देने से स्थानीय स्तर पर प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होगा।
एसडीएम (SDM) और एसडीओपी (SDOP) सिमगा के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने 26 मई 2026 की रात तहसील सिमगा के अंतर्गत आने वाले ग्राम लिमतरा में दबिश दी। जांच के दौरान मौके पर भारी मात्रा में अवैध रेत का डंप मिला, जिसके बाद पटवारी और सरपंच से जानकारी जुटाकर संबंधित प्रमोटरों को मौके पर तलब किया गया। रेत भंडारण के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या रॉयल्टी पर्ची प्रस्तुत नहीं करने पर प्रशासन ने लगभग 88 ट्रैक्टर रेत को जब्त कर स्थानीय सरपंच की सुपुर्दगी में सौंप दिया।
अवैध रूप से रेत भंडारण करने वालों में गुलाब दास (35 ट्रैक्टर), रामकुमार (18 ट्रैक्टर), रामाकुमार रात्रे (17 ट्रैक्टर), परमेश्वर बघेल (8 ट्रैक्टर), तोरण निषाद (5 ट्रैक्टर) और एक अज्ञात व्यक्ति (5 ट्रैक्टर) शामिल हैं। इसके अलावा मौके से 2 ट्रैक्टर भी जब्त किए गए हैं। इसी तरह की एक अन्य कार्रवाई में पलारी तहसील के अंतर्गत अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए 2 ट्रैक्टरों को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाना पलारी के सुपुर्द कर दिया गया है।
सिमगा के ग्राम लिमतरा से 88 ट्रैक्टर अवैध रेत जब्त की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा 35 ट्रैक्टर रेत गुलाब दास की है।
Fact 2: सिमगा और पलारी ब्लॉक को मिलाकर कुल 4 ट्रैक्टर वाहन भी अवैध परिवहन और माइनिंग एक्ट के तहत सीज किए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज के अवैध कारोबार के खिलाफ यह रात्रिकालीन चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जब्त किए गए वाहनों और रेत डंप मालिकों के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर भारी जुर्माना वसूलने की तैयारी की जा रही है।



