महासमुंद/कवर्धा। प्रदेश के कई जिलों में धान खरीदी केंद्रों में हुए घोटाले लगातार उजागर होते जा रहे हैं। मामलों की जांच के बाद कार्रवाई भी हो रही है।
इसी कड़ी में महासमुंद के धान उपार्जन केंद्र बम्हनी में किसानों के 3742 क्विंटल धान के गबन मामले में पुलिस ने केंद्र प्रभारी गंगाधर जगत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर करीब 1 करोड़ 16 लाख रुपये के धान घोटाले का आरोप है। उधर कबीरधाम जिले के पंडरिया और लोहारा विकासखंड में एक बार फिर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए का धान घोटाला सामने आया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, 27 मई 2026 को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पिरदा शाखा के प्रबंधक उस्त कुमार प्रधान ने थाना बसना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आर्थिक अपराधों और सरकारी संपत्ति के गबन पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जिला पुलिस लगातार जांच कर रही है। शिकायत में बताया गया है कि धान उपार्जन केंद्र बम्हनी, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी में 16 मई 2026 को प्रशासनिक जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान 3742 क्विंटल यानी 9355 कट्टे मोटा धान कम पाया गया।

जांच में सामने आया कि समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना की राशि मिलाकर कुल 1 करोड़ 16 लाख 200 रुपये का गबन किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बसना थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन केंद्र प्रभारी गंगाधर जगत से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार किया। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
डेढ़ करोड़ के धान का हुआ गबन
उधर कबीरधाम जिले के पंडरिया और लोहारा विकासखंड में एक बार फिर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए का धान घोटाला सामने आया है। खाद्य अधिकारी ने इसे शासन की धान उपार्जन नीति का गंभीर उल्लंघन बताते हुए समिति प्रबंधक और ऑपरेटर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के कड़े निर्देश दिए गए ।
विकासखंड पंडरिया क्षेत्र स्थित कामठी समिति में खाद्य विभाग की जांच के दौरान 3289 क्विंटल धान की फर्जी खरीदी-विक्रय का खुलासा हुआ है। वहीं लोहारा विकासखंड के धरमगढ में तकरीबन 1200 क्विंटल धान का हेरा फेरी सामने आया है।

जांच में करीब डेढ़ करोड़ करोड़ रुपये की राशि के गबन की बात सामने आई है। आरोप है कि प्रभारी प्रबंधक दयाराम पुसऊ, ऑपरेटर और अन्य संलिप्त लोगों ने आपस में मिलकर राशि का बंदरबांट किया। खाद्य विभाग के अनुसार उक्त राशि संबंधित समिति प्रबंधक, ऑपरेटर एवं अन्य दोषियों से वसूली योग्य है।
खाद्य अधिकारी चंद्र शेखर देवांगन ने इसे शासन की धान उपार्जन नीति का गंभीर उल्लंघन बताया है। साथ ही शासन को षड्यंत्रपूर्वक आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में समिति प्रबंधक और ऑपरेटर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के कड़े निर्देश दिए गए।


