हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से इस वक्त की बेहद दर्दनाक खबर सामने आ रही है। यहाँ ललपुरा थाना क्षेत्र में बेतवा नदी पर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम स्लैब शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे अचानक गिर गया। इस भीषण हादसे में 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि 6 अन्य मजदूरों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। घटना के बाद से ही स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF Team UP) मौके पर मुस्तैद है और जेसीबी मशीनों की मदद से तेजी से मलबा हटाया जा रहा है।

आंधी-तूफान के कारण ढहा स्लैब (Betwa River Bridge Accident)

उत्तर प्रदेश ब्रिज कारपोरेशन के एमडी (MD UP Bridge Corporation) धर्मवीर सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात इलाके में 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भयंकर आंधी-बारिश चल रही थी। आंधी के तेज थपेड़ों के कारण पुल के पिलरों पर लगे सीमेंट स्लैब का सपोर्ट सिस्टम हिल गया, जिससे भारी सेगमेंट स्लैब सीधे नीचे आ गिरा।

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ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के मुताबिक, हादसे के वक्त 20 से 25 मजदूर पुल के ऊपर काम कर रहे थे, जबकि कुछ मजदूर काम खत्म करके नीचे सो रहे थे। स्लैब गिरते ही नीचे सो रहे मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। मृतकों में 4 मजदूर बांदा जिले के और 2 हमीरपुर के रहने वाले थे।

मृतकों की सूची (Hamirpur Bridge Collapse Victims):

  • लोकेंद्र निषाद (22 वर्ष) – बांदा
  • कुलदीप निषाद (19 वर्ष) – बांदा
  • सावंत यादव (28 वर्ष) – बांदा
  • सभाजीत (30 वर्ष) – बांदा
  • पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34 वर्ष) – हमीरपुर
  • राजेश पाल (42 वर्ष) – हमीरपुर

90 करोड़ की लागत से बन रहा था पुल, IIT BHU करेगी ऑडिट (Bridge Construction UP)

यह पूरा प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम (UP State Bridge Corporation) की देखरेख में तैयार किया जा रहा है। मोराकांड से कुरारा के बीच बन रहे इस 700 मीटर लंबे टू-लेन ब्रिज की कुल लागत करीब 90 करोड़ रुपए है। इस पुल का निर्माण कार्य मार्च 2024 में शुरू हुआ था और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

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ब्रिज कारपोरेशन के एमडी ने कहा है कि हादसे की विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बनने वाले ऐसे सभी पुलों की थर्ड पार्टी ऑडिट (Third Party Quality Audit) आईआईटी बीएचयू (IIT BHU) द्वारा की जाती है, और इस ब्रिज की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास थी। कारपोरेशन के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सहित कई बड़े अधिकारी रात में ही मौके पर पहुंच चुके हैं और राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।