टीआरपी। रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा संपत्तिकर के साथ लिए जाने वाले मासिक यूजर चार्ज (कचरा शुल्क) में बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसका कांग्रेस ने पुरजोर विरोध किया है। नगर निगम के इस फैसले पर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने महापौर की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे रायपुर की जनता के साथ सीधा अन्याय और छलावा करार दिया है।
इस फैसले का सीधा असर रायपुर राजधानी के सभी 70 वार्डों के आम नागरिकों और व्यापारियों की जेब पर पड़ेगा। एक तरफ जहां शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है और लोगों के घरों से नियमित कचरा नहीं उठ रहा है, वहीं दूसरी तरफ शुल्क बढ़ाए जाने से जनता में भारी आक्रोश है। आवासीय और व्यावसायिक दोनों ही क्षेत्रों के लोगों को अब हर महीने अधिक टैक्स चुकाना होगा।
बदहाल सफाई व्यवस्था के बीच टैक्स का बोझ: विपक्ष
रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राजधानी में चारों ओर गंदगी पसरी हुई है, नालियां जाम हैं और साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ढप्प पड़ी हुई है। धरातल पर काम करने के बजाय केवल दीवारों पर पेंटिंग कर लाखों रुपये बर्बाद किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस नए आदेश के तहत आवासीय और व्यावसायिक स्थलों का यूजर चार्ज ₹10 से लेकर ₹30 तक बढ़ा दिया गया है, जिसमें भारी विसंगति है।
विपक्ष ने चेतावनी दी है कि जब नगर निगम में उनकी परिषद थी, तब जनता पर ऐसा कोई बोझ नहीं पड़ने दिया गया था। वर्तमान में आम जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है, ऐसे में यूजर चार्ज में वृद्धि करना न्यायसंगत नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि महापौर और उनकी परिषद इस जनविरोधी निर्णय पर पुनः विचार करे, अन्यथा इसके खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
रायपुर नगर निगम ने संपत्तिकर के साथ वसूले जाने वाले मासिक कचरा शुल्क (यूजर चार्ज) में वृद्धि की।
आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के लिए यूजर चार्ज में ₹10 से ₹30 तक की बढ़ोतरी की गई है।
रायपुर के सभी 70 वार्डों की जनता इस बढ़ी हुई दर से प्रभावित होगी, जिसका कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है।
यूजर चार्ज में बढ़ोतरी के बाद अब रायपुर की सड़कों पर सियासी पारा चढ़ना तय है। कांग्रेस पार्टी इस फैसले को वापस लेने के लिए नगर निगम का घेराव कर सकती है, जिससे आने वाले दिनों में शहर की सियासत और गरमाएगी।



