रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश के बहुचर्चित भारतमाला सड़क परियोजना मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बहुत बड़ा एक्शन लिया है।
इस पूरे खेल में शामिल मुख्य आरोपियों में से एक, कारोबारी जयप्रकाश गांधी को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को रिमांड पर भेज दिया गया है। भारतमाला प्रोजेक्ट में जमीन के नाम पर हुए करोड़ों के इस फर्जीवाड़े में ईडी की यह पहली बड़ी गिरफ्तारी मानी जा रही है।
अभनपुर से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा मामला रायपुर जिले के अभनपुर इलाके से शुरू हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए जब जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा था, तब अधिकारियों, पटवारियों और जमीन दलालों ने मिलकर एक बड़ा सिंडिकेट बनाया। इस सिंडिकेट ने फर्जी दस्तावेज और बैकडेटेड एंट्रियां करके करोड़ों रुपये का मुआवजा डकार लिया। जो जमीन पहले से सरकारी जलाशय की थी, उसे भी निजी बताकर दोबारा मुआवजा उठा लिया गया।
13-13 घंटे चली छापेमारी के बाद एक्शन
इस घोटाले की गूंज दिल्ली तक सुनाई दे रही थी। इससे पहले ईडी और ईओडब्ल्यू (EOW) की टीमों ने रायपुर, अभनपुर और कुरुद समेत कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। आरोपी जयप्रकाश गांधी और उनके करीबियों के ठिकानों पर 13-13 घंटे तक दस्तावेज खंगाले गए थे। जांच में मिले पुख्ता डिजिटल सबूतों, बैंक ट्रांजैक्शन और जमीनी कागजातों के आधार पर ईडी ने यह शिकंजा कसा है।
रिमांड में खुलेंगे कई बड़े राज
अब जब जयप्रकाश गांधी ईडी की रिमांड पर है, तो पूछताछ में कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस घोटाले के तार कई रसूखदार नेताओं और बड़े अफसरों से जुड़े हुए हैं। पूछताछ के दौरान इस बात का पता लगाया जाएगा कि फर्जी तरीके से निकाला गया मुआवजे का पैसा किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर हुआ। आने वाले दिनों में रायपुर और आसपास के इलाकों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की पूरी उम्मीद है।



