दुर्ग। जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान पर सवाल उठ गए हैं। पुरानी भिलाई थाना में दर्ज NDPS केस में पदस्थ SI तुलसीराम साहू और खुर्सीपार थाना के SI देव लाल साहू पर आरोपी पक्ष से रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में कथित तौर पर आरोपी की रिहाई के बदले पैसों की मांग सुनी जा रही है।
SSP ने तत्काल किया सस्पेंड
प्रारंभिक जांच में भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर SSP विजय अग्रवाल ने दोनों SI को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र अटैच कर दिया है।
‘सीनियर अफसरों तक पहुंचता है हिस्सा’
वायरल ऑडियो में दावा किया गया है कि रिश्वत की रकम का हिस्सा वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंचाया जाता है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। महिला ने आरोप लगाया कि ड्रग्स की वास्तविक मात्रा से ज्यादा दिखाकर मामला बनाया गया, ताकि दबाव बनाकर वसूली की जा सके।
साइबर टीम पर भी 2 लाख मांगने का आरोप
महिला ने साइबर क्राइम टीम पर भी 2 लाख रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इससे पूरे अभियान की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
3 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट
SSP विजय अग्रवाल ने छावनी नगर पुलिस अधीक्षक को 3 दिन में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय होगी।
केवल दो अफसरों तक सीमित रहेगी जांच?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच सिर्फ दो SI तक सीमित रहती है या आरोपों की तह तक जाकर पूरे मामले का सच सामने लाया जाता है। यह मामला पुलिस की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।



