रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए नवा रायपुर से बड़ी खबर आ रही है। छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बासमती धान की खेती के विस्तार पर राज्य सरकार ने पहल शुरू कर दी है।
कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम की अध्यक्षता में अटल नगर, नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में इस विषय पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। राज्य की साय सरकार अब यहां के किसानों को अमीर बनाने के लिए एक नया मिशन शुरू करने जा रही है।
छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बासमती धान की खेती के विस्तार पर राज्य सरकार ने पहल शुरू कर दी है। अब छत्तीसगढ़ के खेतों में भी बासमती धान की खुशबू महकेगी। छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बासमती धान की खेती के विस्तार पर राज्य सरकार ने पहल शुरू कर दी है।
सरकार का लक्ष्य है कि पारंपरिक धान के बदले किसान बासमती उगाएं, जिससे उनकी कमाई सीधे दोगुनी हो सके। बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ बासमती धान की खेती को प्रोत्साहित करेगी।
कृषि मंत्री के बंगले पर बनी रणनीति
इस खास बैठक में इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के बड़े अधिकारी भी शामिल हुए।. कृषि मंत्री ने साफ कहा कि किसानों का फायदा हमारी पहली पसंद है। आम धान बेचने में उतनी कमाई नहीं है, जितनी विदेशों में बासमती बेचने में है। उन्होंने कहा कि राज्य में धान की विभिन्न किस्मों का व्यापक उत्पादन होता है, लेकिन बासमती एवं अन्य सुगंधित चावलों की अंतरराष्ट्रीय और यूरोपीय बाजारों में विशेष मांग है तथा इनके बेहतर दाम प्राप्त होते हैं।
इसलिए अब सरकार पूरा जोर इस मिशन पर लगाने वाली है। छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बासमती धान की खेती के विस्तार पर राज्य सरकार ने पहल शुरू कर दी है। अफसरों को काम पर भी लगा दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए।
विदेशी बाजारों में बिकेगा छत्तीसगढ़ का चावल
बैठक में मौजूद कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि राज्य में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत बासमती की खेती शुरू की जा रही है। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बासमती धान की खेती को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है।
उन्होंने बताया कि यूरोप और बाकी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सुगंधित चावल की भारी मांग है। उन्होंने कहा कि राज्य में धान की विभिन्न किस्मों का व्यापक उत्पादन होता है, लेकिन बासमती एवं अन्य सुगंधित चावलों की अंतरराष्ट्रीय और यूरोपीय बाजारों में विशेष मांग है तथा इनके बेहतर दाम प्राप्त होते हैं।



