रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से चल रही सबसे बड़ी चर्चा पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद फुल स्टॉप लगा दिया है। राज्य कैबिनेट में फेरबदल और मंत्रियों की छुट्टी होने की उड़ रही खबरों को सीएम ने सिर्फ कयासबाजी करार दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि राजनीति में किसी भी बात को लेकर अटकलें लगाई जा सकती हैं, लेकिन इन बातों में कोई दम नहीं है।
दिल्ली दौरे को लेकर क्यों उड़ा था सियासी धुआं?
दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का अचानक दिल्ली जाने का कार्यक्रम तय हुआ। इस खबर के बाहर आते ही रायपुर के आमानाका से लेकर कलेक्ट्रेट चौक तक के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि मुख्यमंत्री दिल्ली में आलाकमान से मंत्रियों की परफॉर्मेंस और नए चेहरों को शामिल करने पर बात करेंगे।
बीजेपी संगठन और सरकार के भीतर चल रही हलचल को देखकर लोग मान रहे थे कि कैबिनेट में बड़ा फेरबदल होने वाला है। लेकिन मुख्यमंत्री ने दिल्ली रवाना होने से पहले ही इस गुब्बारे की हवा निकाल दी।
कैबिनेट विस्तार नहीं, इस बड़े काम से दिल्ली जा रहे सीएम
मुख्यमंत्री साय ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि उनके दिल्ली दौरे का मंत्रियों की लिस्ट बदलने या कैबिनेट विस्तार से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने अपने दौरे का असली एजेंडा बताते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय राजधानी में नीति आयोग की बेहद महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने जा रहे हैं।
इसके साथ ही दिल्ली में एनडीए (NDA) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक बड़ी बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए वे वहां मौजूद रहेंगे।
क्यों शुरू हुआ था मंत्रियों के बदलने का कयास?
छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार के गठन को अच्छा खासा समय बीत चुका है। ऐसे में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए समय-समय पर विभागों में बदलाव की बातें उठती रही हैं। कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर भी दबी जुबान में चर्चाएं हो रही थीं।
इन्हीं संगठनात्मक समीकरणों और कयासों के बीच सीएम के दिल्ली दौरे को जोड़कर देखा जाने लगा था। बहरहाल, मुख्यमंत्री के इस दो टूक बयान के बाद मंत्रियों की धड़कनें फिलहाल शांत हो गई हैं और कैबिनेट में बदलाव की अटकलों पर पूरी तरह धूल बैठ गई है।



